Monsoon Return; कानपुर में 27 तक झमाझम बारिश, आंधी-गरज और तेज हवा की IMD की चेतावनी
दिल्ली से मानसून की विदाई जल्दी होने के बावजूद, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण कानपुर सहित उत्तर ...और पढ़ें
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कानपुर में जोरदार बारिश के बीच लाल इमली चौराहे गुजरते लोग। फोटो: मोहम्मद आरिफ
HighLights
दिल्ली से मानसून की विदाई 23 सितंबर को, 2002 के बाद सबसे जल्दी
कानपुर में 27 सितंबर तक भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं के आसार
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से उत्तर प्रदेश में वर्षा जारी रहेगी
जागरण संवाददाता, कानपुर। मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है, लेकिन बादलों ने जाते-जाते कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में फिर जोर पकड़ लिया है। दिल्ली से मानसून की विदाई 23 सितंबर को दर्ज की गई, जो सामान्य तिथि 25 सितंबर से दो दिन पहले और 2002 के बाद अब तक की सबसे शुरुआती विदाई है। इसके बावजूद बंगाल की खाड़ी से बने मौसम तंत्र के असर से उत्तर प्रदेश में अगले कई दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।
बुधवार को सुबह से छाए काले बादलों ने कई इलाकों में मध्यम से तेज वर्षा कराई। सुबह 8:30 बजे तक शहर में वायु सेना स्टेशन पर 38 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जबकि इसके बाद भी वर्षा जारी रही, शाम को भी कई क्षेत्रों में तेज वर्षा हुई और कुछ इलाकों में दिनभर में वर्षा का आंकड़ा 50 मिमी के पार पहुंचने का अनुमान है। बुधवार सुबह से ही आसमान पर घने बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 33.6 और न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
अचानक सक्रिय हुआ वर्षा का सिस्टम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के विपरीत बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र तेजी से सक्रिय हुआ और इसका उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया। इससे प्रदेश के बड़े हिस्से में बादल छाए और कई जिलों में वर्षा हुई। मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर तक वर्षा के दौर के बाद 25 से 27 सितंबर के बीच गरज-चमक, आंधी और तेज हवा के साथ वर्षा की संभावना है। कानपुर के लिए 25, 26 और 27 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दर्ज की गई है।
पश्चिमी यूपी से शुरू हुई विदाई, फिर भी वर्षा का दौर
मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रदेश से वर्षा तत्काल समाप्त हो जाएगी। बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसमी तंत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास बने परिसंचरण के कारण अगले कुछ दिन वर्षा के लिहाज से सक्रिय रहेंगे।
