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अब ऑनलाइन बुकिंग कर बालिका गृह के खाने का ले सकेंगे स्वाद, कानपुर में 500000 की लागत से क्लाउड किचन तैयार

Published: Fri, 18 Sep 2026 11:53 PM (IST)Updated: Fri, 18 Sep 2026 11:54 PM (IST)

कानपुर के राजकीय बालिका गृह की अपराध पीड़ित बेटियां अब क्लाउड किचन के माध्यम से ऑनलाइन खाना बनाकर बेचेंगी। यह पहल उनके पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. बालिका गृह की बेटियां चलाएंगी 5 लाख का क्लाउड किचन।

  2. ऑनलाइन फूड डिलीवरी से घर बैठे मिलेगा स्वादिष्ट खाना।

  3. आय से किशोरियों का होगा पुनर्वास और आत्मनिर्भरता।

आशुतोष मिश्र, कानपुर। राजकीय बालिका गृह में पुनर्वास के लिए रखी गईं अपराध पीड़ित बेटियों के हाथों बना खाना अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से अपने घर या कार्यालय में आनलाइन मंगाकर आप स्वाद ले सकेंगे। यह खाना विशेष रूप से प्रशिक्षित की गईं बालिका गृह की 15 बेटियां क्लाउड किचन (सामुदायिक रसोई) में बनाएंगी, जो पांच लाख रुपये की लागत से लगभग तैयार है, केवल फिनिशिंग बाकी है। इसमें खाने की शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

आनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों के माध्यम से कोई भी खाने का आर्डर किया जा सकेगा और निश्चित समय में खाना आपके सामने होगा। इस खाने की बिक्री से होने वाली आय को सभी किशोरियों में बराबर बांटा जाएगा। राजकीय बालिका गृह स्वरूप नगर में अपराध पीड़िताओं को रखा जाता है। इनकी पढ़ाई के साथ आत्मनिर्भर बनाने को स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ से सिलाई, कढ़ाई समेत अन्य प्रशिक्षण दिए जाते हैं।

किशोर न्याय समिति की पहल पर छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की तरफ से फैशन डिजाइनिंग, बुटीक चलाने के भी प्रशिक्षण दिए जाते हैं। 18 साल की उम्र पूरी होने पर बालिका गृह से निकलने पर इनके पुनर्वास के प्रयास किए जाते हैं।

आचिन्तय चैरिटेबल फाउंडेशन ने कराया तैयार

किशोर न्याय समिति के अध्यक्ष जस्टिस अजय भनोट ने प्रोबेशन विभाग से इन किशोरियों को प्रशिक्षित रसोइया (शेफ) बना क्लाउड किचन से खाना बिक्री का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए कहा था। इसी के तहत प्रोबेशन विभाग इस पर अमल करते हुए बालिका गृह से खाना बिक्री का नवाचार कर रहा है। क्लाउड किचन आचिन्तय चैरिटेबल फाउंडेशन ने तैयार कराया है।

वहीं, इसका संचालन भी करेगा। सीएसजेएमयू के इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट के शिक्षकों ने 15 किशोरियों को खाना बनाने का प्रशिक्षण दिया है। चैरिटेबल फाउडेंशन की निदेशक दिशा अरोड़ा ने बताया कि बालिका गृह में अतिरिक्त किचन था पर उसे वर्तमान जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। बर्तन और अन्य सामान के लिए भी धनराशि दी जाएगी।

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क्लाउड किचन शुरू होने से पहले खाने की आनलाइन बिक्री की जानकारी जिले के बैंकों व सरकारी दफ्तरों को दी जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने बताया कि शुरुआत में 30 से 50 डिब्बे खाने की बिक्री की जाएगी। बाकी जरूरत के हिसाब से पांच से सात किशोरियां अलग-अलग किसी भी समय खाना बनाएंगी।

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खाने की बिक्री से होने वाले लाभ के बंटवारे, अभी यहां रह रहीं किशोरियों के पुनर्वास पर जाने के बाद उनके स्थान पर वैकल्पिक रूप से दूसरी 10 किशोरियों को प्रशिक्षण देने, खाने के डिब्बे की दरें तीन से चार दिन में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के साथ बैठक में तय की जाएंगी।