कानपुर में एयरपोर्ट से लेकर सीएम ग्रिड की सड़कों पर खपा दी नकली सीमेंट, तीन साल में 10 लाख से ज्यादा बोरियां बेची
कानपुर में एसीसी और अंबुजा सीमेंट के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। फरार संचालकों ...और पढ़ें

पनकी के इस्पात नगर की इसी फैक्ट्री में पकड़ी गई थी नकली सीमेंट। वीडियो ग्रैब
HighLights
नकली सीमेंट फैक्ट्री का कानपुर के पनकी में भंडाफोड़
तीन साल में 10 लाख से अधिक नकली बोरियां बेचीं
फरार संचालकों की गिरफ्तारी पर बड़े नाम सामने आने की उम्मीद
जागरण संवाददाता, कानपुर। पनकी के इस्पात नगर में एसीसी व अंबुजा के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री के पर्दाफाश के बाद हर रोज नई और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। बड़ी इमारतों के निर्माण, सीएम ग्रिड सड़क योजना व लखनऊ एयरपोर्ट निर्माण में नकली सीमेंट को खपाया गया।
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला है कि फैक्ट्री संचालक हर माह करीब तीन हजार नकली सीमेंट की बोरियां सप्लाई करता था। तीन साल से आरोपितों के पास अदाणी ग्रुप की एसीसी व अंबुजा सीमेंट कंपनी की डीलरशिप थी। इस हिसाब से देखें तो आरोपित तीन साल में एक लाख से अधिक नकली सीमेंट की बोरियां खपा चुके हैं।
चर्चा है कि इस गिरोह को संरक्षण भाजपा के एक बड़े नेता देते थे। हालांकि उनका क्या नाम है और कहां के हैं। इसकी पुष्टि नहीं हुई। फरार संचालक भाइयों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पनकी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट को चार दिन का अल्टीमेटम दिया है। दोनों के पकड़े जाने पर नेता का नाम भी सामने आ सकता है।
अदाणी ग्रुप के कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक की शिकायत पर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पुलिस टीम ने पनकी के इस्पात नगर स्थित एक फैक्ट्री में छापा मारा था। यहां एसीसी व अंबुजा कंपनी के नाम की नकली सीमेंट बनाकर सप्लाई कराई जाती थी। मौके से एक मुंशी को गिरफ्तार किया गया, जबकि लाल बंगला निवासी फैक्ट्री संचालक नीरज गुप्ता और उसका भाई धीरज गुप्ता व दो साझेदार फरार हैं।
छापेमारी में फैक्ट्री से एक हजार से अधिक सीमेंट से भरी व तीन हजार से अधिक खाली बोरियां बरामद हुई थीं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि फैक्ट्री संचालक दोनों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए पनकी थाने के इंस्पेक्टर को चार दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं। गिरोह ने और कहां-कहां व किस ठेकेदार के जरिए नकली सीमेंट सप्लाई कराई है। इन सबकी जांच चल रही है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्राथमिक जांच में नीरज और धीरज को एसीसी व अंबुजा सीमेंट की तीन साल पहले पांच टन माल बिक्री के लिए डीलरशिप मिली थी। उसकी आड़ में वह नकली सीमेंट की फैक्ट्री खोलकर कंपनी के नाम की सीमेंट सप्लाई करता था।
जांच में पता चला कि ये गिरोह प्रति माह 30 हजार से अधिक नकली सीमेंट की बोरियां सप्लाई करते हैं, जिसमें बड़ी इमारतों, सीएम ग्रिड सड़क योजना, लखनऊ एयरपोर्ट व अन्य कई बड़े ठेकेदारों को नकली सीमेंट सप्लाई की जाती थी। एक माह में 30 हजार बोरी नकली सीमेंट की सप्लाई हो रही थी। इस हिसाब से देखें तो तीन साल में 10.08 लाख नकली सीमेंट की बोरियां सप्लाई की गई होंगी।
