शारजाह में तेल टैंकर पर ड्रोन हमला, कानपुर के चीफ इंजीनियर बचकर निकले
शारजाह के पास तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले में कानपुर के चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला लाइफबोट की मदद से ...और पढ़ें

ड्रोन अटैक। इंटरनेट मीडिया
HighLights
शारजाह में तेल टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ।
कानपुर के चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला सुरक्षित बचे।
परिवार भारतीय दूतावास से मदद की मांग कर रहा।
जागरण संवाददाता , कानपुर। शारजाह (यूएई) के पास ड्रोन हमले में तबाह हुए पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एमटीजेम नंबर 2’ पर कानपुर निवासी चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला भी सवार थे। ऐन मौके पर उन्होंने आपातकालीन नाव (लाइफबोट) की मदद से वहां से निकलने में सफलता हासिल की है। इसकी जानकारी घटना के दो दिन बाद रविवार की दोपहर बाद पत्नी से बात-चीत में खुद नितिन ने बताई है।
नगर निगम के सेवानिवृत्त निरीक्षक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि उनका बड़ा बेटा नितिन शुक्ला करीब 20-22 वर्षों से मर्चेंट नेवी में कार्यरत है। उनका जहाज पिछले चार महीनों से होर्मुज क्षेत्र के पास फंसा हुआ था और वहां से आगे की यात्रा की तैयारी में था।
शुक्रवार को जहाज पर ड्रोन हमला हुआ है। इसकी जानकारी आधी रात के बाद नितिन की पत्नी को फोन पर कंपनी की ओर से दी गई थी। इसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। दो दिन से परिवार के सभी सदस्य उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। उनकी बेटी नित्या वाजपेयी पार्षद है।
उसके पति ने एक दिन पहले सांसद रमेश अवस्थी से मुलाकात भी की है। रविवार दोपहर बाद में बेटे का फोन आया है। उसकी पत्नी ने बात की तो उसने बताया कि जहाज के नाविक दल के सभी 22 सदस्य सुरक्षित बच निकले हैं। इससे ज्यादा की जानकारी नहीं मिली है।
परिवार को सुरक्षा की चिंता
नितिन सकुशल हैं, लेकिन वर्तमान में कहां है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। परिवार को इस बात की चिंता है। राजेश शुक्ल के मुताबिक सांसद रमेश अवस्थी के वह लोग संपर्क में हैं। उन्हाेंने भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप करके नितिन को सुरक्षित स्वदेश लाने की मांग की है।
