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कानपुर में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क, चमनगंज-बेकनगंज समेत कई क्षेत्रों से जुड़े गिरोह पुलिस के निशाने पर

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:01 PM (IST)

कानपुर में साइबर ठगों के बड़े गिरोह सक्रिय हैं, जो घर बैठे कमाई का लालच देकर फर्जी फर्मों और म्यूल ...और पढ़ें

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. कानपुर में साइबर ठगों के कई बड़े गिरोह सक्रिय।

  2. फर्जी फर्मों और म्यूल खातों से करोड़ों की ठगी।

  3. पुलिस रडार पर चार नए आरोपित, जल्द होंगे गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर शहर में एक के बाद एक साइबर ठगों के गिरोह पकड़े जा रहे हैं। बड़ी बात ये है कि किसी गिरोह ने 100 करोड़ की ठगी की होती तो कोई 5600 करोड़ की ठगी करने वाले नेटवर्क से जुड़ा है, लेकिन इनमें कई ठग मुस्लिम क्षेत्रों के भी रहने वाले निकले, जो लोगों को घर बैठे कमाई करने का लालच देकर उनकी फर्जी फर्म और उनके म्यूल खाते खुलवाकर ठगी की रकम मंगवाते हैं।

पूर्व में भी चमनगंज, बेकनगंज, कर्नलगंज समेत थाना क्षेत्रों के मुस्लिम इलाकों से ठग पकड़े जा चुकी है। अब साइबर टीम की रडार पर ऐसे ही एक गिरोह के चार लोग आ चुके हैं। जल्द आरोपितों की ठगी का पर्दाफाश होगा।

शहर के कुछ मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में साइबर ठगों के कई गिरोह कुछ सालों में तेजी से सक्रिय हुआ है, जो देश के कई राज्यों के ठगों से जुड़े है और उनके लिए लोगों के दस्तावेज लेकर फर्जी फर्म पंजीकृत करा उसके लिए नाम पर म्यूल खाते खुलवाते हैं। इन खातों में ठगी की रकम मंगवाकर खातों से आइपीएल मैचों में सट्टा, आनलाइन गेमिंग के खातों में भेज ठिकाने लगाते हैं।

13 सितंबर को ही पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने 5600 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसमें गिरोह का सरगना शाहजेब वारिस बेकनगंज के तलाक महल का रहने वाला है और साथी मोहम्मद सलमान चमनगंज का रहने वाला निकला।

वर्ष 2024 में कर्नलगंज थाना पुलिस ने वर्ष 2024 में यतीमखाना के मौलाना समेत दो आरोपितों को पकड़ा था। ये लोग मदरसे की आड़ में साइबर ठगी का गिरोह चला रहे थे। ये लोग ठगी की रकम को मदरसे के खाते में मंगवाते थे। इस गिरोह के तार लखनऊ और दिल्ली स्थित कुछ मदरसों से भी जुड़े थे। इन्हीं क्षेत्रों के चार साइबर ठग पुलिस के रडार पर एक बार फिर आ चुके हैं।

ये गिरोह भी म्यूल खाते उपलब्ध कराने, ठगी की रकम ठिकाने लगाने का काम करते थे। पुलिस को इनके मोबाइल फोन व खाते मिल गए हैं। पुलिस मोबाइल फोन नंबरों के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस में जुटी है। जल्द गिरोह का राजफाश किया जाएगा। साइबर क्राइम थाना प्रभारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि टीम लगी है। जल्द गिरोह का पर्दाफाश होगा।

म्यूल खाते खुलवाने वाले व ठगी की रकम मंगवाने में हो चुके मुकदमे

  • 16 सितंबर: कर्नलगंज में बहन की शादी के लिए गेस्टहाउस बुक कराने का झांसा देकर युवक ने अपने पड़ोसी दोस्त शुभम सोनकर के दो बैंक खातों में साइबर ठगी के एक लाख रुपये मंगवाए थे। जानकारी होने पर पीड़ित ने आरोपित व उसके साथियों समेत सात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया।
  • 19 अगस्त को मो. शादाब ने बेकनगंज के शाहजेब व चमनगंज के सलमान, आरिफ पर मुकदमा कराया था। आरोप है कि उन लोगों ने लोन दिलाने का झांसा देकर खाते के दस्तावेज व सिम नंबर ले लिया और लाखों रुपये ठगी की रकम मंगवाई थी। विरोध पर उन्हें पीटकर रुपये मांगे थे। इन्हीं आरोपितों की जांच में 5600 करोड़ की ठगी का राजफाश हुआ था।
  • 13 अगस्त: ग्वालटोली के मकबरा निवासी रोशन जहां ने ईदगाह पत्थर कालोनी के उवैस व साथियों पर सरकारी योजना से दो हजार रुपये दिलवाने के नाम पर बेटे के दस्तावेजों से तीन खाते खुलवा लाखों रुपये ठगी की रकम मंगवाई थी। जांच में ये मामला सामने आया था। रायपुरवा में आरोपितों पर मुकदमा हुआ।