Kanpur की 10 विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी तैयारी तेज, EVM की पहली जांच पूरी, 430 मशीनें मिलीं खराब
कानपुर में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग पूरी ...और पढ़ें

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
कानपुर में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां जोरों पर
ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग संपन्न हुई
जांच में कुल 430 मशीनें तकनीकी रूप से खराब मिलीं
जागरण संवाददाता, कानपुर। निर्वाचन आयोग 15 दिसंबर के बाद विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित कर सकता है। आयोग के निर्देश पर प्रशासन भी चुनावी मोड में आ गया है। ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) पूरी हो गई है।
मशीनों की विश्वसनीयता परखने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने माक पोल की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई, जो गुरुवार तक चलेगी। एफएलसी के दौरान 5417 बैलेट यूनिट, 5417 कंट्रोल यूनिट और 5417 वीवीपैट की जांच की गई, जिसमें 57 बैलेट यूनिट, 197 कंट्रोल यूनिट और 176 वीवीपैट तकनीकी जांच में खराब मिले।
एफएलसी के लिए बेंगलुरु से आई 12 इंजीनियरों की टीम 15 दिनों से ईवीएम जांच रही है। इस दौरान बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की कार्यक्षमता को निर्धारित मानकों के अनुसार परखा गया। जांच में 5360 बैलेट यूनिट, 5220 कंट्रोल यूनिट और 5241 वीवीपैट सही पाए गए।
बुधवार से राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को बुलाकर माक पोल से मशीनों में मतदान दर्ज होने और मतों की रिकार्डिंग प्रक्रिया का परीक्षण शुरू किया गया। इसका उद्देश्य वास्तविक मतदान से पहले मशीनों के संचालन में संभावित तकनीकी खामियों की पहचान करना है ताकि राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को कोई आपत्ति चुनाव के दौरान न हो। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद आयोग के नियमानुसार छह माह में चुनाव कराना अनिवार्य होता है।

सिविल लाइन्स स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय में ईवीएम की प्राथमिक जांच में लगे कार्मिक। जागरण
16 नोडल अधिकारी, 44 जोनल और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में 16 नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 44 जोनल और 276 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाने हैं। इन अधिकारियों को मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर बिजली, पानी, शौचालय, रैंप, प्रकाश व्यवस्था और पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाओं की जांच शुरू कर दी है। जिले के 867 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी। यहां सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी।
150 नए बूथ, अब 3770 पर होगा मतदान
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद जिले में मतदान व्यवस्थाओं का भी विस्तार किया गया है। निर्वाचन आयोग ने 150 नए बूथ और 10 नए मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद मतदान केंद्रों की संख्या 1413 से बढ़कर 1423 और बूथों की संख्या 3620 से बढ़कर 3770 हो जाएगी।
दो स्थानों से रवाना हो सकती हैं पोलिंग पार्टियां
मतदान के दिन पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए भी नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। अभी तक मुख्य रूप से मंडी समिति से पार्टियां रवाना होती रही हैं। इस बार 10 विधानसभा क्षेत्रों को दो हिस्सों में बांटकर दक्षिण क्षेत्र की विधानसभाओं के लिए मंडी समिति और उत्तर क्षेत्र की विधानसभा सीटों के लिए सीएसए मैदान को विकल्प के रूप में तैयार करने की योजना है।
नई सूची में 28,51,060 मतदाता
एसआइआर के बाद 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ था, जिसमें 28,51,060 मतदाता थे। वर्ष 2022 की मतदाता सूची में 35,38,261 मतदाताओं के नाम सूची में थे, एसआइआर के बाद छह लाख 87 हजार 201 मतदाता घटे थे। नई मतदाता सूची में 15,35,294 पुरुष, 13,15,656 महिलाएं हैं। वहीं थर्ड जेंडर 110 मतदाता हैं, जबकि मतदाता सूची में 23,919 दिव्यांग मतदाता हैं, इनमें 15,186 पुरुष, 8,731 महिलाएं और दो थर्ड जेंडर मतदाता हैं।

विवेक चतुर्वेदी, उपजिला निर्वाचन अधिकारी। जागरण
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव की तैयारियां चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। ईवीएम और वीवीपैट की एफएलसी पूरी हो गई है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने माक पोल की प्रक्रिया कराई जा रही है।
विवेक चतुर्वेदी, उपजिला निर्वाचन अधिकारी
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