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कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: नौकर के नए सिम और डिलीटेड कॉल ने खोली हत्या की साजिश की परतें, एक दिन पहले ही खरीदा था सिम

Published: Wed, 09 Sep 2026 09:19 PM (IST)

आरोपी नौकर ने हत्या से एक दिन पहले नया सिम खरीदा था, जिससे वह मृतक के बेटे और बहू से ...और पढ़ें

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HighLights

  1. तीन माह में दिवंगत के बेटे और हत्यारोपित के बीच 300 से अधिक बार हुई बातचीत

  2. वारदात के बाद आरोपित बहू ने फोन की काल हिस्ट्री और कुछ वाट्सएप मैसेज किए थे डिलीट

जागरण संवाददाता, कानपुर। दवा कारोबारी की हत्या की योजना और दिन तय होने के बाद आरोपित पुराने नौकर ने एक दिन पहले ही नया सिमकार्ड खरीदा था, जिससे वारदात की रात उसकी लोकेशन कोई पता न कर सके, लेकिन वह मोबाइल नंबर कारोबारी के बेटे सुब्रत व बहू शालू को पता था। विशाल उन्हीं दोनों से बात कर घटना को लेकर जानकारी साझा कर रहा था।

नौकर और सुब्रत के बीच तीन माह में 300 से अधिक बार बातचीत निकली, जबकि शालू व नौकर के बीच 40 बार बात हुई, जिसमें घटना वाले दिन दोनों के बीच 14 बार और वाट्सएप पर तीन बार बात हुई थी। वहीं, 29 अगस्त से हत्या वाली रात तक विशाल और सुब्रत के बीच 25 बार बात हुई। वारदात वाले दिन की काल हिस्ट्री और वाट्सएप के कई मैसेज शालू ने डिलीट कर दिए थे।

वहीं, सुब्रत ने दिन में की एक काल की डिटेल भी डिलीट की थी। इससे पुलिस अब सुब्रत के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। उसके तीन मोबाइल, शालू का एक व हत्यारोपितों के मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजे गए गए हैं।


संपत्ति की लालच और ससुर की पाबंदियों से स्वतंत्रता पाने के लिए शालू ने पति संग मिलकर करोड़पति दवा कारोबारी ससुर विनीत मिनोचा की हत्या करने की ठान ली थी। वारदात से करीब 20 दिन पहले हत्या के लिए पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर दी गई। हालांकि पहले योजना सड़क हादसे में जान लेने की बात की गई थी, पर उसमें पकड़े जाने की आशंका ज्यादा थी। इस पर तकिया से मुंह दबाकर मारने व हार्टअटैक दर्शाने की योजना बना दी गई।

शालू ने ही घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी,जिससे आसानी से नौकर व साथी को फ्लैट में प्रवेश करा सकें। तय योजना के तहत दोनाें उस रात कारोबारी के फ्लैट पहुंचे थे, लेकिन अनहोनी व सुरक्षा को लेकर विशाल चाकू भी साथ ले गया था। हालांकि शालू ने सिक्योरिटी गार्डों के इंचार्ज मदन सिंह को उस रात पहले ही बोल दिया था कि शुभम (विशाल) को आने देना।

इस पर उन दोनों की तलाशी नहीं ली गई, लेकिन दोनों जब सुब्रत के बेडरूम में छिपे थे, लेकिन विनीत जब बेडरूम पहुंच गए तो योजना असफल हुई औरउनकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने दोनों हत्यारोपितों को गिरफ्तार किया तो विशाल ने बताया कि उसने एक दिन पहले ही नया सिम खरीदा था, जिससे वह सुब्रत और शालू से बात करता था। बातचीत के बाद शालू और सुब्रत भी अपनी काल डिटेल हिस्ट्री से उसका नंबर डिलीट कर देते थे।

उसने यह भी बताया कि तकिया से मुंह दबाने व हार्ट अटैक दर्शाने की योजना की वजह से वह फ्लैट में कैमरों की चिंता किए बिना ही घुसे थे। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि सुब्रत से पूछताछ में पहले उसने दो फोन होना बताया, जिससे पुलिस ने ले लिया। इसके बाद शालू का फोन भी कब्जे में लिया, लेकिन अगले दिन जब शालू को गिरफ्तार कर लिया और सुब्रत से पूछताछ की जाने लगी तो उसने अपने तीसरे मोबाइल फोन की जानकारी देकर वह फोन भी पुलिस को दे दिया। पुलिस ने सभी फोन फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिए।

मां के जाने के एक दिन बाद क्यों लगवाए फ्लैट के अंदर कैमरे, जांच को टीम गठित

पुलिस के मुताबिक, दिवंगत कारोबारी की मां चंचल उनके घर से एक दिन पहले छोटे बेटे के घर गई थीं, लेकिन उसके अगले दिन ही कारोबारी ने अपने फ्लैट में चार कैमरे लगवा दिए, पर ऐसी क्या वजह थी कि मां के जाते ही एक दिन बाद कैमरे लगवाए गए। क्या मां ने कुछ ऐसा देखा कि उन्होंने विनीत को बताया था। या विनीत ने ही ऐसा कुछ देखा कि कैमरे लगवाना आवश्यक हो गया था। इस जांच के लिए एक दारोगा की टीम लगाई गई है, जो दिवंगत की मां, पत्नी, छोटे बेटे समेत परिवार के सदस्यों से पूछताछ व उनके बयान दर्ज कर जांच करेगी।

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