जिंदगी नरक बना दी थी... कानपुर के कारोबारी की आपबीती से नए खुलासे, होटल में बंधक बना 2 साल में 1440 से अधिक इंजेक्शन लगाए
कानपुर के कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया को अगवा कर दो साल तक बंधक बनाया गया और 1440 से अधिक ड्रग्स के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
हर दिन लगाते थे ड्रग्स के दो इंजेक्शन, दो साल में 1440 से अधिक दिए गए इंजेक्शन
पीड़ित प्रणव पत सिंघानिया बोले- कई बार तो हालत बिगड़ने पर खुद ही फोन कर मंगवाना पड़ता था
ड्रग्स देकर एक बार रजिस्ट्रार आफिस गए तो दूसरी पर रजिस्ट्रार को ही आरोपितों ने आफिस में बुलाया
जागरण संवाददाता, कानपुर। कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया को अगवा कर दो साल होटलों में बंधक बना 140 करोड़ की दो संपत्तियां मात्र 6.03 करोड़ में लिखवाने के मामले में पुलिस को दो और नए नाम पुलिस को मिले हैं, जिसमें एक दिल्ली भागा हुआ है। मामले में पीड़ित ने बताया कि आरोपितों ने दो साल में जिंदगी नरक बना दी।
कारोबारी ने बताया कि हर दिन दो ड्रग्स के इंजेक्शन लगाए जाते थे। दो साल में 1440 से अधिक दिए गए इंजेक्शन लगाए गए। इससे सोचने-समझने की झमता शून्य हो गई थी। आरोपित होटल के फ्लोर व कमरे बदलते रहते थे। कई बार ड्रग्स न मिलने पर वह खुद सुयश को फोन ड्रग्स मंगवाकर अपने हाथ से लगाते थे।
ड्रग्स देकर आरोपित एक बार उन्हें रजिस्ट्रार आफिस ले जाकर कूपरगंज की संपत्ति के एग्रीमेंट में हस्ताक्षर कराए। दूसरी बार रजिस्ट्रार को खुद ही अपने आफिस में बुला सेल डीड पर हस्ताक्षर कराए थे। इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपित सुयष अस्थाना, श्रीराम उर्फ रमित और बृजेंद्रनाथ को मंगलवार को जेल भेजा गया।
फजलगंज के राधाकुंज निवासी पीड़ित प्रणवपत सिंघानिया ने बताया कि आरोपित सुयश अस्थाना ने दोस्ती कर उन्हें गांजा की लत लगवाई थी, लेकिन ये नहीं पता था कि दोस्ती की आड़ में वह संपत्ति हड़पने का षडयंत्र रच रहा था। सुयश परिवार के खिलाफ भी भड़काया। कहता था कि परिवार के लोग ही उनकी संपत्ति हड़प लेंगे और मुकदमा दर्ज करा जेल भिजवा देगा।
सुयश ने उनकी संपत्ति बिकवाने की बात कही, पर प्रणवपत ने मना कर दिया। इस पर सुयश ने गिरवी रखने का सुझाव दिया। जुलाई 2024 में सुयश, उसके बिल्डर पिता अनूप अस्थाना, मेडिकल स्टोर संचालक रमित मिश्रा और बिल्डर बृजेंद्रनाथ मिश्रा उन्हें कार से अगवा कर नशीला पदार्थ सुंघाकर स्वरूप नगर स्थित आफिस ले गए और जब होश आया तो ड्रग्स का इजेक्शन लगा दिया।
आरोपितों ने इसके बाद दो माह स्वरूप नगर स्थित रायल क्लिफ होटल व उसके बाद जुलाई 2026 तक होटल रीजेंटा में रखा गया। इसबीच उन्हें मां अंबिका बहल सिंघानिया और भाई अद्वैत सिंघानिया से भी मिलने नहीं दिया गया। वे कई बार आए। ड्रग्स देकर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए।
बाद में पता चला कि भाई विदुषपत सिंघानिया पर दो मुकदमे करा दिए गए। एक बार हालत बिगड़ने पर देखभाल के लिए एक माह तक नौकर अजय को बुलाकर रखा। इसबीच आरोपितों ने कूपरगंज स्थित करीब 100 करोड़ की संपत्ति के एक-तिहाई हिस्से का एग्रीमेंट सुयश और अनूप ने अपने नाम कराया।
उन्हें ड्रग्स देकर रजिस्ट्रार आफिस ले जाया गया और बाद में आफिस में रजिस्ट्रार बुलाकर सेल डीड पर हस्ताक्षर कराए गए। तीन लाख रुपये नकद देने के बाद वापस ले लिए गए। राधाकुंज की करीब 40 करोड़ की संपत्ति का एक-चौथाई हिस्सा छह करोड़ रुपये में रमित ने बहन पूर्णिमा दीक्षित के नाम कराया। करीब ढाई करोड़ रुपये खाते में भेजे गए। बाद में 1.98 करोड़ सुयश और शेष अनूप ने अपने खातों में मंगवा लिए। जुलाई 2026 में उन्हें छोड़ा गया।
