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500000 फर्जी Email ID बेचने के मामले में एटीएस का एक्शन, अंकित की निशानदेही पर 6 संदिग्धों को उठाया

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sun, 01 Nov 2026 06:00 AM (IST)

कानपुर एटीएस ने पांच लाख फर्जी ईमेल आईडी बेचने के आरोपी अंकित शंखवार की निशानदेही पर छह और संदिग्धों को ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. अंकित शंखवार ने पांच लाख फर्जी ईमेल आईडी बेचीं।

  2. एटीएस ने अंकित की सूचना पर छह संदिग्ध पकड़े।

  3. ईमेल आईडी का उपयोग देश विरोधी गतिविधियों में हुआ।

जागरण संवाददाता, कानपुर। पांच लाख फर्जी ईमेल आइडी बनाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये, अमेरिका समेत पांच देशों में बैठे देश विरोधी तत्वों को बेचने के आरोपित अंकित शंखवार से मिली जानकारी के बाद आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने छह संदिग्धों को उठाया है। अभी कई और जिलों के लोगों के नाम पता चले हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपित अंकित पाकिस्तान समेत कई देशों के लोगों से इंटरनेट मीडिया के जरिए संपर्क में था।

उसने प्राक्सी सर्वर से ईमेल आइडी बनाए थे। एटीएस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) समेत अन्य एजेंसियां उनकी जांच कर डाटा विश्लेषण कर रही हैं। एटीएस ने दो दिन पहले जब अंकित शंखवार की गिरफ्तारी की तो उसके पास से लैपटाप व मोबाइल फोन बरामद किए, जिसमें पाकिस्तान समेत कई देशों के नंबरों के संपर्क व यूएसडीटी ट्रांजेक्शन के साक्ष्य भी मिले हैं।

उसके फोन व लैपटाप के डाटा से संदिग्ध नंबरों को भी निकाला जा रहा है। जांच में सामने आया कि वह देशी विरोधी तत्वों से लगातार संपर्क में था। उसका नेटवर्क महाराष्ट्र, उत्तराखंड, दिल्ली व बंगाल समेत कई राज्यों में पता चला है। अंकित व उसके साथियों के हैंडलर का पता किया जा रहा है। अंकित ने जिस ईमेल को बांग्लादेशी नागरिक अलामीन को बेचा था।

उससे नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम व मुंबई में स्कूलों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, गायकों-अभिनेताओं को धमकी दी गई थी। इसी ईमेल की जांच से इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। ईमेल आइडी के बदले 6000 यूएडीटी (क्रिप्टो करेंसी से जुड़ा डिजिटल टोकन) का भुगतान अंकित को किया जाता था। जांच एजेंसियां अब उन स्थानीय इंटरनेट सेवा प्रदाताओं की भी तलाश कर रहीं हैं, जिनके वाईफाई राउटर को अंकित प्राक्सी नोड्स की तरह इस्तेमाल कर रहा था।

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आरोपित अंकित से पूछताछ में एटीएस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इसमें ये भी बताया है कि वह जिन प्राक्सी सर्वर के जरिये ईमेल आइडी बनाकर पाकिस्तान समेत देशों को बेच रहा था, उनमें से कई विदेशी साइबर ठग भी हैं। एटीएस अब इस नेटवर्क को भी खंगाल रहा है।

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