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40 सालों से फरार, कुटिया में छिपा रहा और नाम रखा 'बाबा पागलदास'; यूपी पुलिस को छकाने वाला ऐसे पकड़ा गया

Published: Mon, 05 Oct 2026 01:37 PM (IST)

कानपुर में लूट और हत्या के प्रयास के मामले में 40 साल से फरार चल रहे सजायाफ्ता रामप्रकाश को पुलिस ...और पढ़ें

भेष बदलकर कुटिया में छिपा रहा 'पागलदास बाबा'।

भेष बदलकर कुटिया में छिपा रहा 'पागलदास बाबा'।

HighLights

  1. 40 साल से फरार सजायाफ्ता रामप्रकाश गिरफ्तार।

  2. बरेली में 'पागलदास बाबा' बनकर रह रहा था।

  3. हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने पकड़ा।

जागरण संवाददाता, कानपुर। लूट और हत्या के प्रयास की घटना में दस साल का सजायाफ्ता कानून की आंख में धूल झोंककर 40 सालों से फरार था। हाईकोर्ट सख्त हुई तो पुलिस को मजबूरी में मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना पड़ा। महीनों की मेहनत के बाद पुलिस ने रविवार को उसे धर दबोचा।

कन्नौज के मूल निवासी सजायाफ्ता को पुलिस ने बरेली के गजनेरा गांव से गिरफ्तार है, जहां वह नाम बदलकर पागलदास बाबा के नाम से जंगल में कुटिया बनाकर रहता था।

इंस्पेक्टर फजलगंज धनंजय पांडेय ने बताया कि उनके थाने में वर्ष 1984 में लूट और हत्या के प्रयास में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। उस मुकदमे में पुलिस ने रामप्रकाश निवासी काकादेव को गिरफ्तार कर जेल भेजा।रामप्रकाश पर फजलगंज में ही दो और मुकदमे दर्ज थे।

40 साल से फरार था आरोपी

वर्ष 1986 में रामप्रकाश को दस साल के कारावास की सजा सेशन कोर्ट ने सुनाई, लेकिन हाईकोर्ट से जमानत पर वह जेल से रिहा हुआ तो फिर कभी सामने नहीं आया। अदालत ने उसे तलाशने का हुक्म दिया तो सामने आया कि वह अस्थायी तौर पर काकादेव में रहता था, जिन्होंने जमानत दिलाई, वह लोग भी फर्जी थे।

धीरे-धीरे लगभग चार दशक गुजर गए। करीब पांच-छह महीने पहले हाईकोर्ट सख्त हुआ और पुलिस को उसे पकड़ने के लिए सख्त हिदायत दी। डरकर पुलिस जागी और जांच शुरू की तो काकादेव में पड़ोस में रहने वाले एक बुजुर्ग से यह जानकारी मिली कि रामप्रकाश कन्नौज के गुरुसहायगंज का रहने वाला है।

गुरुसहायगंज में पुलिस दो महीने तक पड़ी रही, मगर सफलता नहीं मिली। इसी बीच पुलिस को एक ग्राम प्रधान से नौसारा गांव निवासी 70 वर्षीय रामप्रकाश के बारे में जानकारी मिली। दोनों में कभी दुश्मनी हुआ करती थी। पता चला कि वह बाबा बन गया है और बरेली में कहीं रहता है।

आरोपी रामप्रकाश कैंसर से पीड़ित है

इसके बाद पुलिस ने परिजनों के मोबाइल सर्विलांस पर लगाए तो रामप्रकाश के बरेली के गांव गजनेरा के बाहर जंगल में कुटी बनाकर रहने की जानकारी मिली। उसने अपना नाम पागलदास बाबा रख लिया था। क्षेत्र में उसका बड़ा रसूख है, इसलिए पुलिस ने शनिवार रात उसे दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक रामप्रकाश कैंसर से पीड़ित है और इस वक्त उसका कीमो से उपचार चल रहा था।

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