दीपावली से पहले अभिभावकों और स्कूलों के खाते में पहुंचे 25.93 करोड़, कानपुर में BSA ने जारी की फीस प्रतिपूर्ति
कानपुर में आरटीई एक्ट के तहत चयनित बच्चों को वित्तीय सहायता और निजी स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति का इंतजार खत्म ...और पढ़ें

अभिभावकों और स्कूलों के खाते में पहुंचे 25.93 करोड़ रुपये।
HighLights
आरटीई के तहत 25.93 करोड़ रुपये जारी किए गए।
दीपावली से पहले अभिभावकों और स्कूलों को भुगतान मिला।
बीएसए कानपुर ने वित्तीय सहायता और फीस प्रतिपूर्ति भेजी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) एक्ट के तहत चयनित बच्चों को वित्तीय सहायता व प्राइवेट स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति भुगतान का इंतजार खत्म हो गया है। राहत की बात यह है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दीपावली त्योहार से पूर्व स्कूलों व बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में 25.93 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता व फीस प्रतिपूर्ति राशि भेज दी गई है।
बीएसए हरिओम सिंह ने बताया कि 24,953 विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खाते में प्रति छात्र पांच हजार रुपये के अनुसार 12.47 करोड़ रुपये व आरटीई के तहत 25,095 बच्चों को प्रवेश देकर पढ़ाई कराने वाले स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की 13.46 करोड़ रुपये भेज दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी स्कूल या अभिभावक के बैंक खाते में राशि न पहुंची हो तो वो पहले बैंक में जाकर पता करें। फिर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से बीएसए कार्यालय को अवगत कराएं। ताकि लंबित प्रक्रिया का जल्द निस्तारण कराया जा सके।
कानपुर स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री कृष्ण कुमार दुबे ने कहा कि बीएसए कार्यालय की हीलाहवाली की वजह से स्कूल संचालकों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि पाने के लिए इंतजार करना पड़ता है। संगठन की मांग है कि अगले सत्र की शुरुआत से पहले लंबित फीस प्रतिपूर्ति का पूरा भुगतान कराया जाए। ताकि स्कूल संचालक आरटीई के चयनितों को प्रवेश देने में आनाकानी न कर सकें।
बता दें कि 17 अक्टूबर को बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं के साथ फीस प्रतिपूर्ति व वित्तीय सहायता राशि के भुगतान की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की थी। इस मुद्दे को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। अपर मुख्य सचिव के कड़े तेवर को देखते हुए बीएसए स्तर से सख्ती करके राशि भुगतान प्रक्रिया पूरी की गई।
बेसिक शिक्षा विभाग ने मई में ही अभिभावकों के लिए वित्तीय सहायता व स्कूलों के लिए फीस प्रतिपूर्ति के लिए बजट जारी कर दिया गया था। लेकिन खंड शिक्षा कार्यालयों के स्तर से बैंक खातों का सत्यापन प्रक्रिया धीमी गति से होने की वजह से भुगतान होने में पांच माह से ज्यादा का समय लग गया। लिहाजा, अभिभावकों को अपने पास से बच्चों के लिए ड्रेस, कापी व किताबें, जूते मोजे, बैग आदि सामान खरीदवाना पड़ा।
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