IIT Bombay के शिक्षक के समर्थन में आया कानपुर आईआईटी, फैकल्टी फोरम ने की ये मांग
आईआईटी कानपुर फैकल्टी फोरम ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है और निष्पक्ष जांच ...और पढ़ें
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HighLights
आईआईटी कानपुर फोरम ने आईआईटी बॉम्बे छात्र आत्महत्या पर दुख जताया।
निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की तत्काल मांग की गई।
जांच से पहले मीडिया ट्रायल और अटकलों से बचने की अपील।
जागरण संवाददाता, कानपुर। आईआईटी बांबे के छात्र की आत्महत्या पर आईआईटी कानपुर के फैकल्टी फोरम ने गहरा दुख जताया है। साथ ही मामले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर चिंता जताते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है। फोरम ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना, मीडिया ट्रायल या इंटरनेट मीडिया पर अटकलें लगाना उचित नहीं है। इससे संबंधित छात्र, परिवार और शिक्षकों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
फैकल्टी फोरम के संयोजक एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर पंकज वाही की ओर से मंगलवार की शाम जारी बयान में कहा गया कि युवा छात्र की मौत पूरे आईआईटी समुदाय के लिए पीड़ादायक है। संस्था के स्तर पर प्रत्येक छात्र के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयास होने चाहिए।
संबंधित पत्र को आईआईटी कानपुर फैकल्टी फोरम की ओर से इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट भी किया गया है। फोरम ने कहा कि छात्र की मौत के बाद सामने आए घटनाक्रम ने भी चिंता बढ़ाई है। आईआईटी बांबे फैकल्टी फोरम के अनुसार प्रो. सूर्यनारायण दूल्ला कोर्स इंस्ट्रक्टर और इन्विजिलेटर की भूमिका में थे। गंभीर आरोपों और एफआइआर दर्ज होने से उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है और गिरफ्तारी की आशंका बनी हुई है।
आईआईटी फैकल्टी फोरम ने कहाकि मले के तथ्यों की निष्पक्ष जांच के लिए उपयुक्त जांच समिति को काम करने दिया जाए। जांच प्रक्रिया के दौरान दिवंगत छात्र, उसके परिवार और संबंधित शिक्षकों की गरिमा का ध्यान रखा जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से दोषी ठहराने से बचा जाए। छात्रों, शिक्षकों, प्रशासन, मीडिया और आम लोगों को भी संयम व संवेदनशील बने रहने की जरूरत है। इस कठिन समय में आईआईटी बांबे के अपने शिक्षक समुदाय के साथ संस्थान के शिक्षक भी एकजुट हैं।
