होमगार्ड भर्ती पेपर लीक का आरोपी प्रवक्ता की BNSD स्कूल में एंट्री, जेल से छूटकर हाजिरी लगाने पहुंचे, प्रिंसिपल ने ली छुट्टी
होमगार्ड भर्ती परीक्षा पेपर लीक के आरोपी प्रवक्ता अखिलेश यादव जमानत पर रिहा होकर बीएनएसडी स्कूल में हाजिरी लगाने पहुंचे, जिसके बाद प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य अवकाश पर चले गए।

बीएनएसडी स्कूल।
HighLights
हाेमगार्ड भर्ती परीक्षा के सेंधमारी प्रयास के आरोपित अखिलेश यादव जमानत मिलने के बाद पहुंचे स्कूल
केमिस्ट्री विभागाध्यक्ष ने जताई आपत्ति, प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य आकस्मिक अवकाश पर चले गए
जागरण संवाददाता, कानपुर। 25 अप्रैल को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के सेंधमारी के प्रयास में जेल गए आरोपित प्रवक्ता अखिलेश यादव को सशर्त जमानत मिल गई है। जमानत पर रिहा होने के बाद वो शुक्रवार सुबह 7:30 बजे स्कूल पहुंचकर उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर किए और फिर चले गए। रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. पवन कुमार त्रिपाठी ने फौरन प्रधानाचार्य अमर सिंह को प्रवक्ता अखिलेश यादव द्वारा उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर किए जाने की बात से लिखित में अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश से स्कूल परिसर में मिलने का प्रयास किया गया लेकिन वो नहीं दिखे। इधर, करीब आठ बजे के करीब प्रधानाचार्य को ये बात पता चली तो 8:30 बजे तक उन्होंने फौरन अपना बचाव पक्ष देखते हुए आकस्मिक अवकाश लेकर चले गए। प्रभारी के तौर पर उप प्रधानाचार्य सुशील दुबे ने भी 8:45 बजे तक आकस्मिक अवकाश लगाते हुए स्कूल से चले गए। ऐसे में पूरे दिन स्टाफ के बीच चर्चा रही कि आखिर करीब 10 दिन में जेल रहने वाला सरकारी कर्मचारी बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना आकर चर्चा का विषय रहा प्रधानाचार्य अमर सिंह को इस बात का पता चला तो वो उपार्जित अवकाश लेकर उप प्रधानाचार्य सुशील दुबे को चार्ज दे गए।
इधर, उप प्रधानाचार्य ने सुशील दुबे ने भी अवकाश लगाकर चले गए। इसके बाद पूरे दिन विद्यालय में तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं। शिक्षकों ने कहा कि 10 दिन से ज्यादा जेल में रहने के बाद बिना किसी अनुमति के सेवा में बहाल हो सकता है। ऐसे ही तरह तरह के कयासों का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा।
प्रधानाचार्य पर खूब रही डीआइओएस और प्रबंधक की मेहरबानी
बात बात पर कार्रवाई कर देने का हवाला देने वाले डीआइओएस डा. संतोष कुमार राय की मेहरबानी कहें या ढिलाई। जो 25 अप्रैल को बीएनएसडी इंटर कालेज में हुए भर्ती परीक्षा मे अपनी ड्यूटी में शिथिलता बरतने वाले केंद्र व्यवस्थापक यानी प्रधानाचार्य अमर सिंह पर 21 दिन बीतने पर भी जवाबदेही और आरोपित प्रवक्ता अखिलेश यादव का निलंबन पत्र जारी नहीं करा सके। जबकि डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने डीआइओएस को कार्यवाही के लिए पत्र भी लिखा था।
नहीं हुई कार्रवाई
इंटर कालेज प्रबंधक सुरेन्द्र कक्कड़ को दो बार स्मरण पत्र जारी किया गया लेकिन वो कार्यवाही के नाम पर डीआइओएस को गुमराह करते रहे। वहीं कालेज के माध्यमिक शिक्षकों में चर्चा है कि प्रधानाचार्य और आरोपित प्रवक्ता पर डीआइओएस और प्रबंधक पर मेहरबानी खूब बरस रही है। पूरे प्रकरण में पक्ष जानने के डीआइओएस को फोन किया गया लेकिन वो जवाब देने से बचते रहे।
ये है नियम
सरकारी कर्मचारी यदि 48 घंटे तक जेल में बंद रहता है तो वो स्वत: निलंबित माना जाता है। ऐसी स्थिति में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर पुन: सेवा में बहाल नहीं हो सकता है।
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