एक अक्टूबर से एसी-टीवी समेत कई घरेलू उपकरण महंगे, कंपनियां बढ़ाएंगी कीमत; त्योहारी खरीदारी से पहले झटका!
त्योहारी सीजन से पहले एसी, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरण महंगे होने वाले हैं। कंपनियां 1 अक्टूबर ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
1 अक्टूबर से घरेलू उपकरणों की कीमतें बढ़ेंगी।
एसी, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन महंगे होंगे।
कच्चे माल की लागत बढ़ने से दाम बढ़ रहे हैं।
जागरण संवाददाता, कानपुर। त्योहारी सीजन में घर के लिए नया एसी, टीवी, फ्रिज या वाशिंग मशीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है। एक अक्टूबर से कई प्रमुख कंपनियां घरेलू उपकरणों की कीमतें बढ़ाने जा रही हैं।
एसी की कीमतों में करीब पांच से आठ प्रतिशत तक वृद्धि की बात सामने आई है, जबकि टीवी, फ्रिज और वाशिंग मशीन के दाम भी कुछ कंपनियों की ओर से बढ़ाए जा रहे हैं। इससे त्योहारी खरीदारी का बजट बिगड़ सकता है।
इलेक्ट्रानिक्स कारोबारियों के मुताबिक कंपनियों की ओर से नई कीमतों को लेकर डीलरों को सूचना दी गई है। एलजी ने एक अक्टूबर से एसी की कीमतों में पांच से सात प्रतिशत वृद्धि की पुष्टि की है। वोल्टास, लॉयड, गोदरेज अप्लायंसेज और अन्य कंपनियों की एसी श्रेणी में भी पांच से आठ प्रतिशत तक वृद्धि की खबर है। कुछ ब्रांडों में अन्य घरेलू उपकरणों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
कच्चा माल महंगा, बढ़ी लागत
कंपनियों ने कीमत बढ़ाने के पीछे तांबा, एल्युमीनियम, स्टील और कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की बढ़ती लागत को प्रमुख कारण बताया है। इसके अलावा ढुलाई खर्च, ऊर्जा लागत और रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव ने भी कंपनियों की लागत बढ़ाई है। एसी के मामले में ऊर्जा दक्षता के नए मानकों को भी लागत बढ़ने का एक कारण बताया गया है।
पुराना स्टाक बचा तो मिल सकती है राहत
हालांकि, ग्राहकों के लिए पूरी तरह निराश होने की जरूरत नहीं है। बाजार में मौजूद पुराना स्टाक कुछ दुकानों पर पुराने दाम में मिल सकता है। ऐसे में त्योहारी खरीदारी से पहले ग्राहक अलग-अलग दुकानों पर कीमत और छूट की तुलना कर बेहतर सौदा कर सकते हैं।
बड़ी एफडी के नियम भी बदलेंगे
एक अक्टूबर से बैंकिंग क्षेत्र में भी बदलाव होगा। तीन करोड़ रुपये या उससे अधिक की बल्क एफडी के लिए बैंकों को रोजाना ब्याज दर सार्वजनिक करनी होगी और समान प्रकार की जमा पर शाखाओं में एक समान दर लागू करनी होगी। आम ग्राहकों की तीन करोड़ रुपये से कम की सामान्य खुदरा एफडी पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
