VIP कल्चर छोड़ ट्रेन से कानपुर पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, आज AI मंथन 2.0 की करेंगी अध्यक्षता
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले दो दिवसीय एआइ मंथन 2.0 की ...और पढ़ें

कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शनिवार को उत्सर्ग एक्सप्रेस से कानपुर सेंट्रल पहुंची। जागरण
HighLights
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ट्रेन से कानपुर सेंट्रल पहुंचीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में एआइ मंथन 2.0 की अध्यक्षता करेंगी।
सादगी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले एआइ मंथन 2.0 में शामिल होने के लिए कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शनिवार को उत्सर्ग एक्सप्रेस से कानपुर सेंट्रल पहुंचीं। वह विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय एआइ मंथन की अध्यक्षता करेंगी।
राज्यपाल के ट्रेन से कानपुर पहुंचने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन में भी खास चर्चा रही। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विराजपाल का स्वागत किया।
राज्यपाल इससे पहले 9 जुलाई को आयोजित दीक्षा समारोह में भी ट्रेन से ही कानपुर पहुंची थीं। इस बार भी उन्होंने रेल यात्रा को प्राथमिकता दी। उनके इस कदम को सादगी और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन देने के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
एआइ मंथन 2.0 में देशभर के प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों, उद्योग जगत और प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोबोटिक्स, शासन, शोध और रोजगार के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा होगी। आइआइटी, एम्स, बीआइटीएस पिलानी, गूगल और आइबीएम समेत कई संस्थानों के विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

राज्यपाल ने मंथन में शामिल होने वाले सभी कुलपतियों को भी ट्रेन के माध्यम से अथवा एक ही वाहन से कार्यक्रम में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य अलग-अलग वाहनों से होने वाली आवाजाही को कम करने के साथ ही सामूहिक यात्रा को बढ़ावा देना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं। दो दिन तक चलने वाले आयोजन में एआइ के व्यावहारिक उपयोग और भारत के एआइ आधारित भविष्य पर विशेष जोर रहेगा।

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विद्यार्थियों और शिक्षकों को बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार करने, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसरों पर भी विशेषज्ञ मंथन करेंगे। राज्यपाल के मार्गदर्शन में होने वाला यह आयोजन विश्वविद्यालय के लिए तकनीक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
