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कानपुर में धनकुट्टी की गलियों में एक रात में बसा दिया मिनी बंगाल, चाय के स्टाल पर आगजनी की तैयारी, फिर आवाज आई...

Published: Sat, 10 Oct 2026 03:02 PM (IST)

कानपुर में सुधीर मिश्रा की फिल्म 'गांधी एंड माय मदर' की शूटिंग हुई, जिसमें धनकुट्टी की गलियों को मिनी बंगाल ...और पढ़ें

फिल्म शूटिंग की तैयारी करते जूनियर आर्टिस्ट। जागरण

फिल्म शूटिंग की तैयारी करते जूनियर आर्टिस्ट। जागरण

HighLights

  1. कानपुर की धनकुट्टी गलियों में हुई 'गांधी एंड माय मदर' की शूटिंग

  2. निर्देशक सुधीर मिश्रा ने गलियों को दिया मिनी बंगाल का रूप

  3. स्थानीय जूनियर कलाकारों ने फिल्म में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर शहर की पहचान अब फिल्मी लोकेशन के तौर पर भी बनने लगी है। धनकुट्टी के रंजीतपुरवा की संकरी गलियों में शुक्रवार देर रात फिल्मी दुनिया जीवंत हो उठी। 'गांधी एंड माय मदर' फिल्म के डायरेक्टर सुधीर मिश्रा खुद सेट पर पहुंचे और करीब चार घंटे तक गलियों में घूम-घूमकर तैयारियों का जायजा लिया।

रंजीतपुरवा को पश्चिम बंगाल की गलियों जैसा रूप दिया गया था। दीवारों पर बंगाली भाषा में लिखे बोर्ड लगाए गए, गलियों में सब्जी की दुकानें सजाई गईं। फिल्म में दंगों के बाद सब कुछ उजड़ जाने के हालात दिखाने हैं, उसी के हिसाब से सेट तैयार हुआ। चाय के स्टाल पर आगजनी का दृश्य फिल्माने के लिए गैस सिलेंडर से पाइप जोड़कर विशेष व्यवस्था की गई।

महिलाएं भी सेट पर तैयार बैठी नजर आईं। रात एक बजे के बाद गलियों में शूटिंग शुरू हुई। शूटिंग के दौरान फिल्मों में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के डुप्लीकेट के रूप में काम करने वाले शाहिद नवाज भी पहुंचे। बेकनगंज निवासी शाहिद ने बताया कि वह शूटिंग देखने और पुराने लोगों से मिलने आए हैं। वह 'रात अकेली है' की कानपुर शूटिंग के दौरान भी चर्चा में रहे थे।

लाइन प्रोडयूसर रिजवान अख्तर ने बताया कि आनंदबाग व धनकुट्टी मोहल्ले में तीन दिन चली शूटिंग में कानपुर ही नहीं लखनऊ, उन्नाव व आसपास के जिलों के 400 से ज्यादा जूनियर आर्टिस्ट ने काम किया। गांधी एंड माय मदर फिल्म में शहर की गलियां दिखेंगी ही साथ ही जूनियर कलाकारों को पहचान भी मिलेगी।

आनंदबाग व धनकुट्टी की गलियों में शूटिंग पूरी करने के बाद टीम शनिवार सुबह मुंबई वापस लौट गई। उन्होंने बताया कि सुधीर मिश्रा लखनऊ के रहने वाले हैं और कानपुर में उनके कई दोस्त हैं। वह दूसरी बार कानपुर में शूटिंग के लिए आए हैं। उन्हें लाठी मोहाल के शुक्ला की मलाई-मक्खन बहुत पसंद है।

पिछली बार वह रोज मलाई-मक्खन खाते थे, लेकिन इस बार इसका स्वाद नहीं चख सके क्योंकि यह केवल सर्दियों में मिलता है। सुधीर को सिविल लाइंस स्थित एक खास होटल का खाना भी पसंद है। शूटिंग के दौरान सेट पर उसी होटल से खाना मंगाया जाता है। इस बार उन्होंने केवल सलाद ही खाया।

तीन दिन में तेजी से शूटिंग पूरी करना और रात में शूट करना दोनों चुनौतीपूर्ण रहे।रिजवान ने बताया कि वह उन्नाव के रहने वाले हैं और कानपुर में अब तक 27 फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग करा चुके हैं। कुल 38 फिल्मों का अनुभव है।

उनके साथ शहर के कमलाटावर निवासी नवल अग्रवाल भी लाइन प्रोड्यूसर हैं, जो 18 फिल्मों की शूटिंग कानपुर में करा चुके हैं। नवल ने वरुण धवन और अनिल कपूर जैसे सितारों के साथ भी काम किया है।