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डायबिटिक रोगियों में थकान चिंताजनक, विशेषज्ञ की सलाह पर बदलें दवा की खुराक: डॉ. खुशबू अग्रवाल

Published: Sat, 17 Oct 2026 06:43 PM (IST)

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. खुशबू अग्रवाल ने 'हेलो डॉक्टर' कार्यक्रम में बीपी, शुगर, थायराइड और मोटापे जैसी जीवनशैली ...और पढ़ें

दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में पाठकों के सवालों का जवाब देतीं जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक की एंडोक्राइनोलाजिस्ट डा. खुशबू अग्रवाल । जागरण

दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में पाठकों के सवालों का जवाब देतीं जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक की एंडोक्राइनोलाजिस्ट डा. खुशबू अग्रवाल । जागरण

HighLights

  1. डायबिटिक थकान चिंताजनक, विशेषज्ञ की सलाह पर दवा की खुराक बदलें

  2. बीपी, शुगर, थायराइड, मोटापा जीवनशैली बदलाव से बढ़ रहे हैं

  3. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव मुक्त जीवन अपनाएं

जागरण संवाददाता, कानपुर। बीपी-शुगर, थायराइड, मोटापा और हार्मोनल बीमारियों का खतरा लाइफ स्टाइल में हो रहे बदलाव के कारण तेजी से बढ़ रहा है। समय पर इन बीमारियों का विशेषज्ञ की देखरेख में इलाज और लाइफ स्टाइल व खान-पान में बदलाव करके बचा जा सकता है। डायबिटिक रोगियों में अधिक थकान के लक्षण दिखने पर डाक्टर की सलाह पर दवा की डोज संशोधित करानी चाहिए।

वजन बढ़ने और कम होने की समस्या थायराइड के कारण हो सकती है। इसे सामान्य मोटापा मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। साथ ही अगर मोटापा सिर्फ पेट के आगे वाले भाग में बढ़ रहा है तो यह तोंदू मोटापा है, जो लिवर, किडनी के साथ हृदय की क्रियाशीलता को प्रभावित करता है।

यह बातें दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक की एंडोक्राइनोलाजिस्ट एसोसिएट प्रो. डा. खुशबू अग्रवाल ने कही। उन्होंने हार्मोनल विकार के साथ ग्रोथ फैक्टर, आस्टियोपोरेसिस की समस्या पर पाठकों के प्रश्नों का उत्तर दिया।

 

  • थायराइड की मरीज हूं, अब वजन कम और थकान लग रही है? - अलका द्विवेदी, पी रोड। पूजा सिंह, विकास नगर। वैष्णवी, श्याम नगर।
  • थायराइड दो प्रकार का होता है। हाइपोथायरायडिज्म में वजन बढ़ता है। दूसरे हाइपरथायरायडिज्म में वजन काम होना और थकान की समस्या रहती है। एक बार जांच कराकर विशेषज्ञ को दिखा लें। डाक्टर की सलाह पर ही थायराइड का संपूर्ण इलाज कराएं। एक बार जीएसवीएसएस पीजीआइ के एंडोक्रायनोलाजी विभाग में दिखा लें। थकान का मुख्य कारण थायराइड हो सकता है। लेकिन मीनोपाज, बी-12 व अन्य कारणों से हो सकता है।

 

 

  • डायबिटिक की मरीज हूं, बीमारी का खतरा कभी कम नहीं होता है। क्या करें कि डायबिटिक खत्म हो जाए? - ललिता कटियार, बर्रा छह। सोनल झा, साकेत नगर।
  • डायबिटिक बढ़ने से दवा की मात्रा भी बदलनी पड़ती है। यह विशेषज्ञ की सलाह पर तय होता है। डायबिटिक में अक्सर लोग एक बार डाक्टर को दिखाकर सालों दवा नहीं बदलते हैं। यह गलत है। समय-समय पर डायबिटिक की जांच कराकर दवाओं का संशोधन कराएं। डायबिटिक के कारण मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचाता है। हड्डियों को कमजोर करने के साथ थकान व अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसलिए विशेषज्ञ को दिखाकर ही इलाज कराएं। अनियंत्रित डायबिटिक से शरीर में कई बीमारियों का खतरा बना रहता है।

 

 

  • पांच-छह साल से डायबिटिक की मरीज हूं, इस बीमारी का कितना स्तर नुकसान नहीं करता है? - शशि कपूर, लखनऊ।
  • अगर आप लंबे समय से डायबिटिक की मरीज हैं और किडनी व लिवर की मरीज नहीं हैं, तो परेशान न हो। दवा समय पर लेते रहे और समय-समय पर डायबिटिक विशेषज्ञ को दिखाकर दवा का संशोधन कराएं। उम्र के बढ़ने के साथ अनियंत्रित डायबिटिक के मरीजों में लिवर व किडनी रोग का खतरा बढ़ जाता है। आप संतुलित आहार व दिनचर्या से डायबिटिक की मात्रा को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। धारणा है कि शक्कर के स्थान पर डायबिटिक रोगी गुड़ का प्रयोग कर सकते हैं। यह गलत है। शक्कर व गुड़ डायबिटिक रोगियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

 

 

  • बीपी, शुगर, मोटापे से बचाव कैसे करें? - जय प्रकाश तिवारी, बर्रा एक। वेद प्रकाश गुप्ता, बारासिरोही।
  • यह बीमारियों लाइफ स्टाइल से होती हैं। खराब दिनचर्या और खान-पान के कारण बीपी-शुगर व मोटापा की बीमारी बढ़ जाती है। बचाव के लिए घर का बना खाना ही खाएं। नमक का अधिक प्रयोग करने से बचें। तनाव मुक्त रखें। नियमित योगासन करें। स्मोकिंग से बचें।

 

 

  • मोटापे का मरीज हूं, तोंद निकल रही है। क्या करें? - राजू तिवारी, पनकी।
  • आप शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाएं। डाइट को नियंत्रित करें। तोंदू मोटापा शरीर में कई बीमारियों का कारण बनता है। यह छिपा हुआ फैट होता है, जो लिवर, किडनी व हृदय की बीमारियों का मुख्य कारण बनता है। मोटापे की चपेट में वर्तमान में युवा अधिक आ रहे हैं। खाने में फास्ट व डिब्बा बंद भोजन मोटापे को बढ़ा रहा है। बचाव के लिए आप डाइट चार्ट बनाए और नियमित रूप से एक घंटे एक्सरसाइज करें। ऐसा करके आप छिपे से मोटापे से बचे रहेंगे और बीमारी का खतरा नहीं रहेगा।

 

 

  • लंबे समय से डायबिटिक का मरीज हूं, इंसुलिन लेनी पड़ती है। अब गैस्ट्रो से जुड़ी समस्या हो रही है? - मनीष, काकादेव। माया रावत, नानकारी।
  • एक बार आप विशेषज्ञ को दिखाकर इंसुलिन की डोज संशोधित कराएं। डोज की मात्रा आपके खान-पान की मात्रा पर निर्भर करती है। शारीरिक गतिविधियों करते रहें। मांसपेशियों को योगासन कर सक्रिय करें। फल का सेवन करें। अनाज कम लें। अनियंत्रित डायबिटिक से गट हेल्थ पर असर पड़ता है। इसलिए डायबिटिक रोगियों को पेट की सेहत का ख्याल रखने के लिए खान-पान को नियंत्रित करना चाहिए।

 

 

  • डायबिटिक मरीज हूं, अब थायराइड की समस्या भी हो रही है। शरीर में भारीपन की समस्या रहती है? - ललित तिवारी, श्याम नगर। मीनू शुक्ला, यशोदा नगर।
  • लंबे समय से डायबिटिक वालों में ऐसी समस्या अक्सर दिखती है। आप जिस समय आपको अधिक थकान लगती है, उस समय का डायबिटिक स्तर जांचें और जीएसवीएसएस पीजीआइ में दिखा लें। आपकी दवा की डोज में संशोधन की जरूरत है। लिवर व किडनी की स्थिति का अध्ययन कर दवा संशोधित की जा सकती है।

 

 

  • 60 साल की हूं, थायराइड, बीपी व शुगर की मरीज हूं। नियंत्रित है परंतु थकान की समस्या रहती है। क्या करें?- निर्मला, गोविंद नगर।
  • उम्र के साथ इन बीमारियों के स्तर में बदलाव होता है। महिलाओं में मीनोपाज के बाद हार्मोनल बदलाव आते हैं। जो
  • शरीर में थकान व अन्य समस्या का कारण बन सकता है। इसलिए आप खान-पान बेहतर करें। एक्सरसाइज करें और 30 से 40 मिनट वाक जरूर करें। एक बार जीएसवीएम के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में दिखा लें।

 

 

  • संतुलित आहार के बाद भी मेरा मोटापा बढ़ रहा है। ऐसा क्यों? - प्रशांत शुक्ला, बर्रा।
  • एक बार आप घर में बनने वाले खाने में आयल की मात्रा कम करें। मांसपेशियों के क्षरण से शरीर का मेटाबालिक स्तर कम होता है। मांसपेशियों में खान-पान जाने से मोटापा नियंत्रित रहता है। इसलिए खाने के बाद 30 मिनट तक चलते और हल्का जिम यानी वजन उठाने की आदत डालें। ऐसा करने से आपकी मांसपेशियों बेहतर होगी और काफी हद तक मोटापा कम होगा।

 


इन्होंने किए प्रश्न

अनिल कुमार, रामादेवी। तुलसी राम कुशवाहा, यशोदा नगर। उपासना, गोविंद नगर। सुनीता तिवारी, देवनगर। संजय कुमार, गोविंद नगर।

 


इन बातों का रखें ख्याल

  • फास्ट फूड व डिब्बा बंद भोजन खाने से बचें।
  • मांसपेशियों की मजबूती के लिए नियमित एक्सरसाइज करें।
  • डायबिटिक रोगी शक्कर और गुड़ खाने से बचें।
  • घर में होने वाली आयल की खपत को कम करने का प्रयास करें।
  • डायबिटिक रोगियों में गैस्ट्रो से जुड़ी समस्या होने पर डाक्टर को दिखाएं।
  • खाने में मौसमी फल, हरी सब्जियों के साथ दूध व दही को शामिल करें।

 

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