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कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा? कानपुर से बंगाल तक खौफ, नई सड़क हिंसा के मास्टरमाइंड को घुटने पर लाए; पूरी कहानी

By Atul MishraEdited By: Anurag Shukla
Published: Tue, 28 Apr 2026 05:38 PM (IST)

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस अजय पाल शर्मा बंगाल चुनाव में पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनाती को लेकर सुर्खियों में हैं, ...और पढ़ें

आईपीएस अजय पाल शर्मा। इंटरनेट मीडिया

आईपीएस अजय पाल शर्मा। इंटरनेट मीडिया

HighLights

  1. बंगाल चुनाव में पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात।

  2. कानपुर नई सड़क हिंसा में निभाई थी अहम भूमिका।

  3. 100 से अधिक एनकाउंटर दर्ज, 'रियल सिंघम' नाम।

अतुल मिश्र, कानपुर। यूपी कैडर के 2011 बैच के आईपीएस एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बंगाल चुनाव में उनकी तैनाती को लेकर हो रहे विवाद के बीच कानपुर की 3 जून 2022 की नई सड़क हिंसा की यादें ताजा हो गई हैं। उस दौरान हिंसा पर काबू पाने और हयात जफर हाशमी जैसे मास्टरमाइंड्स के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए शासन ने विशेष तौर पर अजय पाल शर्मा को कानपुर भेजा था, जिनके नाम 100 से अधिक एनकाउंटर दर्ज हैं।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के आईपीएस अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने बंगाल में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप भेजा है। अब उनका एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के घर जाकर चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि अगर मतदाताओं को धमकाने की खबरें दोबारा आईं तो वे अच्छे से खबर लेंगे।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चेतावनी दी है 4 मई के बाद उन्हें कोई नहीं बचा पाएगा। इधर, महुआ मोइत्रा ने भी अजय पाल शर्मा के मामले को लेकर निशाना साधा है।

इस वजह से आए थे कानपुर

3 जून 2022 को भाजपा नेत्री की टिप्पणी के विरोध में नई सड़क पर जुमे की नमाज के बाद सांप्रदायिक हिस्सा भड़की थी। परेड, नई सड़क और यतीमखाना इलाकों में जमकर उपद्रव हुआ था। इस दौरान चंद्रेश्वर हाता इलाके को खाली कराने को लेकर विवाद और पथराव हुआ। मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मुकदमे में हाजी वसी और हयात ज़फर हाशमी समेत 18 लोगों को नामजद करते हुए करीब 250 अन्य लोगों को हिंसा का अभियुक्त बनाया गया था।

मोर्चा संभालते ही उपद्रवियों में दिखा था खौफ

हिंसा के बीच एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस अजय पाल शर्मा को अधिकारियों के सहयोग के लिए भेजा गया है। अजय पाल शर्मा के कानपुर पहुंचने से उपद्रवियों समेत अपराधियों में खौफ साफ देखने को मिल रहा था। आईपीएस अजय पाल शर्मा के नाम 100 से ज्यादा एनकाउंटर दर्ज हैं। अजय पाल शर्मा को शहर में अमन-शांति स्थापित करने के लिए भेजा गया था। अजय पाल शर्मा ने पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा और डीएम नेहा शर्मा से बात कर हालात का जायजा लिया और पूरे मामले की मानीटरिंग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से शांति स्थापित की थी।

कौन हैं आईपीएस अजयपाल शर्मा

लुधियाना के अजय पाल शर्मा यूपी कैडर के 2011 बैच के आईपीएस हैं। आईपीएस अजय पाल शर्मा की सबसे पहली पोस्टिंग सहारनपुर में हुई थी। रामपुर में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। अजय पाल शर्मा ने दुष्कर्म के आरोपित को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था। इस एनकाउंटर के बाद अजय पाल शर्मा सुर्खियों में आ गए थे

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