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CSJMU Kanpur के 560 सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में कम प्रवेश ने बढ़ाई चिंता, UG-PG की हजारों सीटें खाली

Published: Wed, 26 Aug 2026 09:38 PM (IST)

सीएसजेएमयू कानपुर से संबद्ध 560 सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में प्रवेश कम होने से हजारों स्नातक और परास्नातक सीटें खाली हैं, ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कई सेल्फ फाइनेंस कालेजों में स्नातक-परास्नातक की सीटें खाली

  2. एसोसिएशन ने छात्र हित में डब्ल्यूआरएन पोर्टल फिर खोलने की मांग की

  3. एसोसिएशन ने डब्ल्यूआरएन पर पंजीकरण की तिथि 15 दिन बढ़ाने की मांग

जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध करीब 560 सेल्फ फाइनेंस डिग्री कालेजों में सत्र 2026-27 के प्रवेश की स्थिति ने कालेज संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। कई कालेजों में तो प्रवेश की संख्या दहाई तक नहीं पहुंची है। वहीं, विश्वविद्यालय की ओर से वेब रजिस्ट्रेशन नंबर (डब्ल्यूआरएन) जारी करने की प्रक्रिया बंद किए जाने से अभी प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों की मुश्किल बढ़ने की आशंका है।

विश्वविद्यालय में प्रवेश की स्थिति बीते सालों की तुलना में बहुत की खराब है। जगदेव सिंह भदौरिया डिग्री कालेज में बीए की 750 सीटों के मुकाबले केवल दो विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इसी तरह श्री शक्ति डिग्री कालेज में एमएससी की 20 सीटों पर सात, एमए की 60 सीटों पर चार और बीए की 360 सीटों पर 45 प्रवेश हुए हैं। कालेज संचालकों का कहना है कि कला वर्ग समेत कई पाठ्यक्रमों में स्थिति बेहद चिंताजनक है।

बीएड और पीजी में भी फंस सकते हैं विद्यार्थी

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के माध्यम से बीएड प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया अभी चल रही है। उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन का कहना है कि बीएड में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी सीएसजेएमयू के पंजीकरण में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा कई विश्वविद्यालयों में स्नातक अंतिम वर्ष का परिणाम देर से आया है। ऐसे विद्यार्थी एमए, एमकाम और एमएससी जैसे परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना चाहते हैं, लेकिन डब्ल्यूआरएन बंद होने से उनके सामने भी समस्या खड़ी हो सकती है।

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ा रुझान

कालेजों में कम प्रवेश की एक प्रमुख वजह विद्यार्थियों का व्यावसायिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ता रुझान माना जा रहा है। ऐसे पाठ्यक्रम सीएसजेएमयू से संबद्ध कई कालेजों में उपलब्ध नहीं हैं। विद्यार्थी कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से केंद्रीय और अन्य विश्वविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले रहे हैं।

राज्यपाल एवं कुलपति से पोर्टल दोबारा खोलने की मांग

उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डा. ब्रजेश भदौरिया ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रवेश सितंबर से आगे अक्टूबर-नवंबर तक होते रहे हैं। इस बार आनलाइन पंजीकरण अपेक्षाकृत जल्दी बंद कर दिया गया है। अभी बड़ी संख्या में 12वीं पास विद्यार्थी स्नातक में प्रवेश से वंचित हैं। उन्होंने राज्यपाल एवं कुलपति से छात्र हित में डब्ल्यूआरएन पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की है।

15 दिन बढ़े पंजीकरण की अवधि

वहीं एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. विनय त्रिवेदी ने कहा कि अभी बीएड की काउंसिलिंग चल रही है और बड़ी संख्या में छात्राएं इससे जुड़ी हैं। कई कालेजों में स्नातक प्रथम वर्ष और परास्नातक स्तर पर सीटें रिक्त हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय से आनलाइन पंजीकरण की तिथि कम से कम 15 दिन बढ़ाने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर मिल सके।

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