Kanpur Viral Video: सड़क में बना ‘पाताल’ जैसा गड्ढा, बारिश का पानी देखते ही देखते समाया; लोगों में दहशत
कानपुर में भारी बारिश के बाद जाजमऊ के सरैया चौराहे पर सड़क धंस गई, जिससे करीब 3 मीटर चौड़ा और ...और पढ़ें
HighLights
जाजमऊ के सरैया चौराहे पर सड़क धंसी
3 मीटर चौड़ा, 18 फीट गहरा गड्ढा बना
भारी बारिश से शहर में जलभराव, बिजली संकट
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर में रात से बुधवार सुबह तक मूसलाधार बारिश हुई। हर तरफ जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। ऐसे में जाजमऊ के सरैया चौराहे पर सड़क अचानक धंस गई। देखते ही देखते करीब तीन मीटर चौड़ा और 18 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसमें बारिश का पानी समाता चला गया। मानो पाताल में पानी की धार समाती चली जा रही हो। खौफनाक दृश्य देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।
वीआइपी रोड पर 18 फीट गहरा गड्ढा
वर्षा ने एक बार नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी। बारिश के बीच शहर की सड़कों के धंसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जाजमऊ से सर्किट हाउस जाने वाली सड़क बुधवार सुबह सरैयां चौराहे के पास धंस गई, जिससे करीब 18 फीट गहरा गड्ढा हो गया। सड़क धंसने से वहां गुजर रहे वाहन सवारों और राहगीरों में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने एहतियातन गड्ढे के आसपास बैरिकेड्स कराकर आवागमन रोक दिया।
यहां पहले भी गड्ढा हो चुका
पूर्व पार्षद शमीम अख्तर ने बताया कि दो माह पहले गड्ढा हुआ था। नगर निगम को शिकायत की तो जलकल की टीम ने मलबा भर दिया। धीरे-धीरे फिर गड्ढा होने लगा और बुधवार को सड़क बैठ गई। इसके नीचे से टेनरी की सीवर लाइन, सीसामऊ नाले से आ रहे दूषित पानी की वाजिदपुर जा रही लाइन पड़ी है। पिछले दिनों मोबाइल कंपनियों ने केबल डाले हैं। इस दौरान सीवर की लाइन में लीकेज होने के कारण यह धंसी है। रास्ता खतरनाक हो गया। चार करोड़ रुपये से नगर निगम ने सुंदरीकरण कराया है। कारोबारी इम्तियाज, वासिफ इमरान, मुनाफ और जफर ने बताया कि पहले भी गड्ढा हो चुका है।

एक के बाद एक गड्ढा, मजदूर जा गिरा
पूर्व पार्षद शमीम आजाद ने बताया की कि सुबह नई चुंगी की तरफ जाने वाले रास्ते में गड्ढा हो गया। इसके पास ही दूसरा गड्ढा है। गड्ढे में पानी भरने के कारण और रास्ता खतरनाक हो गया है। धंसता जा रहा है। कंपनी बाग चौराहा के पास पहले से धंसी सड़क के पास और एक गड्ढा हो गया। यहां पर बैठा एक मजदूर अंदर गिर गया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने बाहर निकाला। ब्रह्मनगर चौराहा में भी सड़क धंसने से रास्ता खतरनाक हो गया है। 80 फीट रोड में पहले ही धंसा डाट नाला के कारण रास्ता प्रभावित है।

यहां भी सड़कें धंस गई
वहीं, बारिश के चलते दीप टाकीज रोड पर मंदाकिनी होटल के पास और यशोदा नगर बाइपास से यशोदा नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर भी सड़क धंस गई। कंपनी बाग चौराहा के पास पहले ही डाट नाला धंसने के कारण कार्य चल रहा है। बुधवार को बगल में कुछ हिस्सा और धंस गया। खड़ा मजदूर अंदर गिर गया। लोगों ने बाहर निकाला। इसके अलावा ब्रह्मनगर चौराहा के पास सड़क धंस गई। पीरोड, तिलक नगर, स्वरूप नगर समेत कई जगह खोदी गई सड़कें बैठ गईं।

सर्वोदय नगर, काकादेव,लाजपत नगर, पांडुनगर, श्यामनगर, पीरोड,गांधीनगर, आनंद बाग, मरियमपुर चौराहा, दर्शनपुरव, कौशलपुरी, कल्याणपुर, इंदिरा नगर, मिर्जापुर, यशोदानगर, चावला मार्केट से नंद लाल चौराहा तक , किदवईनगर साकेत नगर समेत कई जगह पानी भर गया।

जिम्मेदार नहीं उठा रहे मोबाइल
नगर निगम के जोन दो में जाजमऊ वीआइपी रोड आती है। यहां पर जोनल अभियंता दिवाकर भास्कर है। उनको कई बार मोबाइल मिलाया गया लेकिन नहीं उठाया।
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कंपनी बाग चौराहा पर धंसी सड़क। जागरण
चालीस दुकान चौराहा पर फिर धंसा नाले का चैंबर, पानी में गई दुकानदारी
किदवई नगर चालीस दुकान चौराहा पर पांच दिन पहले बनाया गया नाले का चैंबर बुधवार को बारिश के दौरान फिर धंस गया। चैंबर धंसने से नाला ओवरफ्लो हो गया और गंदा पानी सड़क पर बहते हुए आसपास की दुकानों तक पहुंच गया।

रक्षाबंधन में दुकानदारी तबाह
दुकानदारों ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार होने के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में सड़क पर पानी भरने और गंदगी फैलने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। करीब दो सप्ताह पहले बारिश के दौरान इसी नाले का चैंबर धंस गया था। व्यापारियों के विरोध के बाद जलकल विभाग ने चैंबर का निर्माण कराया था। आक्रोशित व्यापारियों ने स्थायी समाधान कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। इसकी जिम्मेदारी जोन तीन के अधिशासी अभियंता सचिन की है। जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि ठीक कराया जाएगा।

सीसामऊ नाला ओवर फ्लो, आनंदेश्वर मंदिर कारिडोर में भरा पानी
सीसामऊ नाला ओवर फ्लो होने से वीआइपी रोड व खलासी लाइन में पानी भर गया। आनंदेश्वर कारिडोर परमट में भी पानी भरने से भक्तों को जूझना पड़ा। वहीं जूही खलवा पुल मार्ग बंद कर दिया गया। लाजपत नगर, पांडुनगर, श्यामनगर, पीरोड, गांधीनगर, आनंद बाग, मरियमपुर चौराहा, दर्शनपुरवा, कौशलपुरी, कल्याणपुर, इंदिरा नगर, मिर्जापुर, यशोदानगर, चावला मार्केट से नंद लाल चौराहा तक, किदवईनगर, साकेत नगर समेत कई जगह पानी भर गया। औद्योगिक क्षेत्र फजलगंज, पनकी व दादानगर में फैक्ट्रियों तक पानी भर गया।
आरटीओ माडल रोड पर वर्षा के बाद हुए जलभराव के बीच गड्ढे में गाड़ी फंसने के बाद निकलता चालक। जागरण
सर्वोदय नगर में आरटीओ से देवकी रोड की हालत सबसे खराब
बारिश के बाद जलभराव, जाम और धंसती सड़कें शहर की नियति बन चुके हैं। विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ जिम्मेदारी से बच निकलने का रास्ता खोजते हैं और जनता जर्जर सड़कों पर गिरते-पड़ते सिर्फ व्यवस्था को कोसती रह जाती है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक शहर का हर कोना अव्यवस्था की जद में है। सबसे खराब स्थिति सर्वोदय नगर में आरटीओ रोड से देवकी चौराहे तक है। यहां नया नाला बनाने के नाम पर पुराना नाला चोक कर दिया गया और रही-सही कसर बारिश के समय मेट्रो के बंद पड़े मोटर पंपों ने पूरी कर दी।

आरटीओ माडल रोड पर जलभराव मे गड्ढे में फंसी आटो । जागरण
तीन फीट तक भरा पानी
सड़कें समंदर बन गईं। घरों, दुकानों और कार्यालयों में तीन-तीन फीट तक गंदा पानी भर गया। पानी में छिपे गहरे गड्ढे राहगीरों की जान के लिए जोखिम बन गए। दोपहिया वाहन सवार तो छोड़िए, पैदल जा रहे लोग भी गिरकर चुटहिल हो गए। गाड़िया पानी में बंद हो गईं। करीब एक साल से लोग ऐसी ही नारकीय स्थिति से जूझ रहे हैं और जिम्मेदार अफसर अपनी गलती मानने के बजाय एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने में व्यस्त हैं।
बारिश में खुली मेट्रो के दावों की पोल
मेट्रो ने देवकी चौराहा से डबलपुलिया तक ट्रैक निर्माण के दौरान लापरवाही बरतते हुए नाले को मिट्टी से पाट दिया। दैनिक जागरण ने मामले को प्रमुखता से उजागर किया तो मेट्रो ने गलती मानी। वादा किया गया कि 100 मीटर लंबा नाला बदला जाएगा। जल निकासी के लिए मोटर पंप भी लगाए गए। मेट्रो का दावा है कि नाला दुरुस्त कर दिया गया है। हालांकि, बारिश हुई तो पोल खुल गई।
जलभराव का नगर निगम मेट्रो पर फोड़ रहे ठीकरा
पार्षद नीरज बाजपेई ने बताया कि रेव मोती माल के सामने दूसरी पट्टी पर नाला चोक है। निर्माण सामग्री डालकर इसे बंद कर दिया गया है। इसकी सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की थी लेकिन अफसर मेट्रो पर ठीकरा फोड़कर बच निकलने की कोशिश करते रहे। नतीजा यह हुआ कि मंगलवार से बुधवार तक हुई बारिश में एक किलोमीटर के क्षेत्र में सभी सड़कें तालाब बन गईं। सर्वोदय नगर के अलावा काकादेव, पांडुनगर व नवीन नगर में भी सड़कों पर पानी की लहरें हिलोर मारती रहीं।
विधायक के आदेश भी हवा
भाजपा विधायक सुरेन्द्र मैथानी ने पिछले माह जलभराव होने पर मेट्रो में चल रहे कार्यों को अफसरों के साथ देखा था। तब निर्देश दिए थे कि 15 दिन में जलभराव की समस्या खत्म की जाए लेकिन दो माह बाद भी हालात बदलने के बजाय और बदतर हो गए हैं।
ये हैं जिम्मेदार और समस्या की यह है मूल वजह
- नगर निगम: क्षेत्रीय पार्षद के अनुसार, रेव मोती माल के पास नाले में निर्माण सामग्री भरी हुई है, जिससे पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। नगर निगम ने इसकी सफाई को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई।
- मेट्रो: जल निकासी के लिए मोटर पंप लगाए गए लेकिन बारिश के चार घंटे बाद इन्हें चलाया गया। इसके चलते क्षेत्र में लगातार पानी भरता रहा और देर शाम तक इसकी निकासी नहीं हो पाई।
मेट्रो अफसर बोले- हमारा काम पूरा, बाकी नगर निगम जाने
देवकी चौराहे पर निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन परिसर में नगर निगम की डिजाइन के आधार पर पाइप डालकर नाला बनाया गया है। रावतपुर से देवकी चौराहा की तरफ पानी नहीं आ रहा है। हमने अपना काम पूरा कर दिया है। अब नाले का पानी आगे क्यों नहीं बढ़ रहा, ये नगर निगम जाने। नगर निगम के सहयोग के लिए तीन मोटर पंप लगाए गए हैं।
- पंचानन मिश्र, जनसंपर्क अधिकारी-यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन
नगर निगम के अफसर फोन तक नहीं उठाते
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो दिन पहले मिली फटकार के बाद भी नगर निगम के अफसर जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं। इस संबंध में बात करने के लिए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी और अधिशासी अभियंता आरके सिंह को कई बार काल की गई लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया।
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चावला मार्केट चौराहा पर हुए जलभराव से निरलते वाहन । जागरण
पार्षद बोले- क्षेत्र से नहीं देंगे टैक्स
नगर निगम व मेट्रो की आपसी खींचतान के बीच में यहां की जनता पिस कर रह गई है। एक साल से जल निकासी ठप है। बरसात होने पर दो फीट तक पानी भर जाता है। समस्या दूर नहीं हुई तो रास्ता बंद कर जनता के साथ प्रदर्शन करेंगे। क्षेत्र से नगर निगम को टैक्स भी नहीं दिया जाएगा।
नीरज बाजपेई, क्षेत्रीय पार्षद
आमजन की बात
पिछले दो साल से सर्वोदय नगर में रहना मुश्किल हो गया है। पहले जल निगम पेयजल लाइन डालने के लिए खोद दिया। फिर मेट्रो ने खोद डाला अब जलभराव से जूझ रहे है। नगर निगम लाखों रुपये टैक्स लेता है लेकिन सुविधा सिफर है।
अनिल जैन, सर्वोदय नगर
बरसात होने पर डर सताने लगता हैष। जरा सी बरसात में ही पानी भर जाता है। हालत यह है कि रास्ते खतरनाक हो गए है और जलभराव होने पर लोग गिरकर चुटहिल हो रहे है लेकिन नगर निगम को नहीं दिखाई दे रहा है। केवल खानापूरी के नाम पर नाले से सिल्ट निकलकर छोड़ दी जाती है।
चंद्रेश बेहल, सर्वोदय नगर
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आपको हो रही असुविधा के लिए हमें खेद है...यात्री गण कृपा ध्यान दें, घंटाघर सिटी साइड से सेंट्रल स्टेशन की ओर आ रहे यात्रियों को वर्षा के बाद हुए जलभराव के कारण असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिसके लिए हमें खेद है। बुधवार की सुबह हुई वर्षा के बाद सेंट्रल स्टेशन में घंटाघर की ओर से आने वाले रास्ते पर दोनों ओर पानी भर गया। जिसके कारण यात्रियों को डिवाइडर से चढ़कर आना पड़ा। धीरज गुप्ता

