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CSA Kanpur में अब बायोमीट्रिक से दर्ज होगी छात्रों की हाजिरी, 80% उपस्थिति पूरी करने पर ही बैठ सकेंगे परीक्षा में 

Published: Mon, 05 Oct 2026 07:06 PM (IST)

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) कानपुर में अब शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की उपस्थिति बायोमीट्रिक फेस रिकग्निशन मशीनों ...और पढ़ें

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर।

HighLights

  1. कागजी हाजिरी की जगह 150 से अधिक बायोमीट्रिक मशीनें लगेंगी, आने-जाने का रहेगा डिजिटल रिकार्ड

  2. कक्षाओं और विभागों में होगी व्यवस्था, 80 प्रतिशत उपस्थिति पूरी करने पर ही परीक्षा में बैठ सकेंगे विद्यार्थी

जागरण संवाददाता, कानपुर। चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में अब शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति कागजी रजिस्टर के बजाय बायोमीट्रिक से दर्ज होगी। विश्वविद्यालय की सभी कक्षाओं और विभागों में 150 से अधिक मशीनें लगाने की तैयारी है।

इनमें फिंगरप्रिंट के बजाय फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल होगा। शिक्षक और कर्मचारी निर्धारित स्थान पर पहुंचते ही चेहरे की पहचान के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। आने-जाने का पूरा डिजिटल रिकार्ड भी तैयार होगा। साथ ही छात्रों की उपस्थित भी इसी के माध्यम से दर्ज होगी। यह मशीने क्लास के बाहर लगाई जाएगी।

कुलपति डा. संजीव गुप्ता की पहल का उद्देश्य केवल हाजिरी की व्यवस्था बदलना नहीं, बल्कि कक्षाओं के नियमित संचालन को सुनिश्चित करना है। डिजिटल रिकार्ड से प्रशासन शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी कर सकेगा। इससे निर्धारित समय पर शिक्षकों की कक्षाओं में उपलब्धता सुनिश्चित करने और शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा में भी मदद मिलेगी।

सीएसए में कृषि के साथ हार्टिकल्चर, फारेस्ट्री, कृषि अभियांत्रिकी, डेयरी और फिशरीज समेत कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों की पढ़ाई होती है। यहां सैद्धांतिक शिक्षण के साथ प्रयोगशाला और फील्ड प्रशिक्षण भी पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में शिक्षकों की नियमित मौजूदगी से प्रयोगशाला, खेत और अन्य व्यावहारिक प्रशिक्षण गतिविधियों को भी निर्धारित समय पर संचालित करने में मदद मिलेगी।

वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी सख्ती बरतेगा। विद्यार्थियों के लिए 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। निर्धारित उपस्थिति पूरी करने वाले विद्यार्थियों को ही परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों की कक्षाओं में नियमित भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

डिजिटल रिकार्ड से होगी निगरानी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति का पूरा रिकार्ड डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहेगा। इससे मैनुअल रजिस्टर पर निर्भरता कम होगी और प्रशासन जरूरत के अनुसार उपस्थिति की समीक्षा कर सकेगा। विश्वविद्यालय का जोर शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की नियमित मौजूदगी के साथ कक्षा, प्रैक्टिकल और फील्ड प्रशिक्षण को तय समय-सारिणी के अनुसार संचालित करने पर है।

 

शिक्षण व्यवस्था को अधिक नियमित और व्यवस्थित बनाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति को बायोमीट्रिक व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। 150 से अधिक मशीनें लगाई जाएंगी। फेस रिकग्निशन से उपस्थिति और आने-जाने का डिजिटल रिकार्ड उपलब्ध रहेगा। हमारा उद्देश्य है कि शिक्षक निर्धारित समय पर कक्षाओं में उपलब्ध रहें और विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल व फील्ड प्रशिक्षण का अवसर मिले।
डॉ. संजीव गुप्ता, कुलपति

 

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