विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raju Srivastav Death News: जाओ बाम्बे, कुछ बनकर दिखाओ.., जब राजू को गुरुजी ने क्लास में लगाई थी डांट

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Wed, 21 Sep 2022 12:54 PM (IST)

Comedian Raju Srivastav Death News Update कानपुर में जन्मे मशहूर कामेडियन राजू श्रीवास्तव ने साकेत नगर के सुभाष इंटर कालेज ...और पढ़ें

कानपुर में पले-बढ़े मशूहर कामेडियन राजू श्रीवास्तव।
कानपुर में पले-बढ़े मशूहर कामेडियन राजू श्रीवास्तव।

कानपुर, जागरण संवाददाता। Comedian Raju Srivastav Death News:मशहूर कामेडियन राजू श्रीवास्तव के नि धन पर कानपुर में गहरा शोक है और हर कोई उनसे जुड़ी यादों को दोहरा रहा है। किदवई नगर नयापुरवा से निकलकर मुंबई में पहचान बनाने वाले राजू अपनी हरकतों से अक्सर स्कूल में टीचरों की डांट भी खाते थे और अपने दोस्तों में चहेते भी थे। राजू के निधन पर सुभाष स्मारक इंटर कालेज में टीचर रहे आरसी शर्मा की राजू की बातें याद कर आंखें नम हो गईं। 

कानपुर के किदवई नगर नयापुरवा में रहकर बचपन बिताने वाले राजू Raju Srivastav School शुरू से ही अलग थे। वह दूसरों की नकल उतारते तो उन्हें देखकर लोग हंसते थे। वह किदवई नगर के साकेत नगर स्थित सुभाष स्मारक इंटर कालेज में पढ़ते थे। बर्रा में रहने वाले आरसी शर्मा (Raju Srivastav School Teacher) बताते हैं कि वह उस समय कालेज में रसायन विभाग के टीचर थे। राजू अक्सर क्लास में दोस्तों के साथ हंसी- माजक किया करता था।

उन्होंने बताया कि एक बार राजू Raju Srivastav खाली समय में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की मिमिक्री कर रहे थे। इस बीच कक्षा से बहुत शोर आ रहा था तो वह स्टाफ रूम से सीधे क्लास में चले गए। उनके जाते ही सब शांत होकर बैठ और राजू को सामने खड़ा पाया। राजू की कामेडियन हरकतों से सभी टीचर वाकिफ थे। उन्होंने उस समय राजू को डांट लगाते हुए कहा था- इतना ही मिमिक्री का शौक है तो जाओ बाम्बे, कुछ बनकर दिखाओ।

वह बताते हैं कि इसके बाद में पता चला कि उच्च शिक्षा के बाद राजू मुंबई जाकर बड़ा कलाकार बन गया है। उसने अपनी कड़ी मेहनत से पहचान बनाई थी। उन्होंने बताया कि राजू का अक्सर उनके पास फोन आता था और आशीर्वाद जरूर लेता था। कानपुर आने पर मिलने भी आता था, आज उसका दुनिया से चले जाना अपूरणीनीय क्षति है।