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CBSE 12वीं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी, आईआईटी कानपुर और मद्रास के विज्ञानी सुधारेंगे रिजल्ट सिस्टम

By Alok TiwariEdited By: Anurag Shukla
Published: Mon, 25 May 2026 11:36 PM (IST)

सीबीएसई 12वीं के परिणाम में तकनीकी गड़बड़ियों और ऑन-स्क्रीन मार्किंग की त्रुटियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने ...और पढ़ें

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व आईआईटी कानपुर।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व आईआईटी कानपुर।

HighLights

  1. सीबीएसई रिजल्ट पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर करेंगे आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ

  2. 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं में आन स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ियां सामने आने से घिरे बोर्ड के अधिकारी

  3. अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर हैं परेशान, बोर्ड ने समाधान के विकल्प तलाशने की प्रक्रिया की तेज

जागरण संवाददाता, कानपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल पर आ रही लगातार तकनीकी दिक्कतों और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में सामने आईं गड़बड़ियों का समाधान आईआईटी के विज्ञानी करेंगे। केंद्र सरकार ने तकनीकी चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए हाइटेक टीम बनाई है उसमें आईआईटी कानपुर के दो वरिष्ठ विज्ञानी प्रो. कल्लोल मंडल और डा. आनंद हांडा शामिल हैं। दो अन्य विज्ञानी आईआईटी मद्रास से हैं।

आईआईटी से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने चारों विज्ञानियों को तत्काल दिल्ली बुला लिया है। यह टीम मिलकर पोर्टल की खामियों को दूर करेगी। प्रो. कल्लोल मंडल और डा. आनंद हांडा को कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी और बड़े डेटाबेस मैनेजमेंट का लंबा अनुभव है। यह टीम न सिर्फ मौजूदा सर्वर और पोर्टल की कमियों को दूर करेगी, बल्कि 'आन स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली के डाटा फ्लो की भी जांच करेगी ताकि भविष्य में अंकों की फीडिंग में कोई मानवीय या तकनीकी त्रुटि न हो।

आईआईटी के विज्ञानियों के टीम में शामिल होने की पुष्टि संस्थान के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने की है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री की पहल पर टीम का गठन किया गया है। बता दें, 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं में आन स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ियां सामने आने से बोर्ड अधिकारी लगातार सवालों से घिरे हैं। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान हैं। बोर्ड ने अब समाधान के विकल्प तलाशने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

24 मई के अंक में दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया मुद्दा

12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं में आन स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी सामने आने से विद्यार्थी व अभिभावक भविष्य को लेकर परेशान हैं। दैनिक जागरण ने 24 मई के अंक में कापी में लिखा जवाब, आन स्क्रीन मार्किंग में ब्लैंक पेज, नहीं मिले अंक शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद हलचल बढ़ी तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ी दूर कराने के लिए आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर से दो-दो विज्ञानियों को तत्काल दिल्ली बुला लिया। आईआईटी कानपुर से दो विज्ञानी सोमवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

इस तरह से समझे मूल्याकंन प्रणाली में आई समस्या

उत्तर पुस्तिका में लिखा जवाब, आन स्क्रीन मार्किंग में ‘ब्लैंक पेज’, नहीं मिले अंक

सीबीएसई की ओर से 12वीं बोर्ड परीक्षा की कापियों की आन स्क्रीन मार्किंग से तैयार किए गए परिणाम से विद्यार्थी व अभिभावक संतुष्ट नहीं हैं। कई मामले ऐसे हैं, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिका में जवाब लिखा है। आरोप है कि स्कैनिंग की गुणवत्ता खराब होने की वजह से उत्तर पुस्तिका में जवाब स्पष्ट नहीं दिखा रहा है। इसकी वजह से आन स्क्रीन मार्किंग में उसे ब्लैंक पेज माना गया है और जवाब के एवज में अंक नहीं मिले हैं। एक शिक्षक की ओर से उलब्ध कराई गई तस्वीर में इसकी पुष्टि भी हुई है।

स्कैन उत्तर पुस्तिका देखने में आ रही समस्या

वहीं, आन स्क्रीन मार्किंग की खामियों से अवगत कराने और इस व्यवस्था को वापस लेने के लिए एक अभिभावक ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को लिखित शिकायत की है। इसके अलावा सीबीएसई की ओर से स्कैन उत्तर पुस्तिका देखने के लिए किए गए आवेदन में छात्रों को मुश्किलें आ रही हैं। कई बार शुल्क जमा करने के बाद भी पेमेंट सत्यापित होने का संदेश न आने से वे खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

आन स्क्रीन मूल्यांकन के लिए थी व्यवस्था

सीबीएसई की ओर से पहली बार 12 वीं कक्षा की कापियों के मूल्यांकन के लिए आन स्क्रीन मार्किंग की व्यवस्था की गई थी। कापियां जांचने के दौरान ही शिक्षकों ने स्कैनिंग की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई थी। इस दौरान जिन प्रश्नों के उत्तर ठीक से पढ़ने में नहीं आ रहे थे उन्हें ब्लैंक पेज (खाली पन्ना) माना गया। इसके बाद बोर्ड की ओर मैनुअली कापी जांचने का दावा किया गया। इसके चलते सीबीएसई 12 वीं का रिजल्ट भी देरी से जारी हुआ।

बार-बार वेबसाइट क्रैश

वहीं, अब सीबीएसई की ओर से स्कैन उत्तर पुस्तिका देखने के लिए किए गए आवेदन में छात्रों को मुश्किलें आ रही हैं। बोर्ड ने आवेदन के लिए तारीख 23 से बढ़ाकर 24 मई कर दी है, लेकिन अभिभावकों के बैंक खाते से तय शुल्क कटने के बाद पेमेंट सत्यापित होने का संदेश नहीं आ रहा। तकनीकी गड़बड़ी और बार-बार वेबसाइट क्रैश होने से अभिभावकों और छात्रों को आशंका और बढ़ गई है कि कांपियों की जांच में गड़बड़ी हुई है।

आनलाइन शिकायत भेजा

कौशलपुरी निवासी अभिभावक अजय कुमार द्विवेदी ने इस संबंध में पीएमओ को आनलाइन शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि वर्तमान समय में सीबीएसई द्वारा बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए स्कैनिंग एवं डिजिटल आधारित आन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का प्रयोग किया गया। इसमें कई व्यावहारिक समस्याएं जैसे-अस्पष्ट हस्तलेखन का ठीक से न पढ़ा जाना, स्कैन की गुणवत्ता में अंतर और कई तकनीकी त्रुटियां सामने आईं हैं। इस वजह से कई विद्यार्थियों के उत्तरों का पूर्ण एवं सही मूल्यांकन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में पूर्व की भांति पारंपरिक (मैनुअल) कापी जांच प्रणाली को पुनः लागू करने की मांग की गई है।


सीबीएसई की ओर से लागू आन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से विद्यार्थी संतुष्ट नहीं है। बेटी अगले वर्ष 12वीं की परीक्षा देगी। हाल ही में आए परिणाम से वो आन स्क्रीन मार्किंग को लेकर अभी से चिंतित है। बोर्ड ने फैसला वापस नहीं लिया तो उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।
अजय कुमार द्विवेदी, अभिभावक, कौशलपुरी।


बेटे का सीबीएसई 12वीं का परीक्षा परिणाम आन स्क्रीन मार्किंग के आधार पर तैयार किया गया है। वह इससे संतुष्ट नहीं है। स्कैन कापी देखने के लिए प्रति विषय सौ रुपये के हिसाब से पांच विषय के पांच सौ रुपये आनलाइन जमा कराए चार दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक पेमेंट सत्यापित का संदेश नहीं मिला।
संजय भदौरिया, अभिभावक, बर्रा छह

12 वीं की कापी देखने के लिए बोर्ड ने 24 मई तक शुल्क भुगतान का समय दिया है। बच्चों को कापियां देखने को मिल रही हैं। कभी-कभी तकनीकी त्रुटियों की वजह से पोर्टल पर कापियां न दिखने की शिकायत मिली है। बोर्ड समस्या का समाधान करा रहा है।
डा. बलविंदर सिंह, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई