कानपुर में बैंक कामगाज पूरी तरह से ठप, 5 दिवसीय कार्य दिवस को लेकर कर्मचारियों ने की हड़ताल, 2200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
कानपुर में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और भेदभावपूर्ण परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव वापस लेने की मांग ...और पढ़ें

बैंक हड़ताल के समर्थन में मालरोड स्थित एसबीआइ मुख्यालय और फूलबाग चौराहा पर प्रदर्शन करते बैंक कर्मी
HighLights
कानपुर में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग के लिए हड़ताल की
भेदभावपूर्ण परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव वापस लेने की भी मांग की गई
भविष्य में राष्ट्रव्यापी हड़ताल और प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है
जागरण संवाददाता, कानपुर। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और भेदभावपूर्ण परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) व्यवस्था वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन कानपुर परिक्षेत्र के बैंक कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित एसबीआई के प्रशासनिक कार्यालय के मुख्य द्वार और फूल बाग चौराहे पर पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगें उठाईं।
एसबीआइ स्टाफ एसोसिएशन के उपमहामंत्री जय प्रकाश मिश्रा ने कहा कि 12वें द्विपक्षीय समझौते के तहत पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनने के बावजूद अब तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 14 से 24 सितंबर तक विभिन्न राज्यों की राजधानियों और प्रमुख केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन होंगे। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है।
बैंक हड़ताल से कानपुर की आर्थिक गतिविधियां सुस्त
बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर शुक्रवार को कानपुर की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा। निजी बैंकों को छोड़कर भारतीय स्टेट बैंक समेत शहर में संचालित राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में कामकाज ठप रहा। इससे नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग, आरटीजीएस, एनईएफटी समेत विभिन्न बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं।
शहर की करीब 397 शाखाओं के बंद
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स के अनुसार शहर की करीब 397 शाखाओं के बंद रहने से लगभग 2200 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ। कारोबारियों और उद्यमियों के भुगतान अटकने से दिनभर आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी रही।
1380 करोड़ रुपये का लेनदेन भी प्रभावित
हड़ताल के चलते करीब 170 करोड़ रुपये की चेक क्लियरिंग, 410 करोड़ रुपये की नकद जमा और 240 करोड़ रुपये के नकद भुगतान नहीं हो सके। इसके अलावा आरटीजीएस, नेफ्ट और अन्य माध्यमों से होने वाला करीब 1380 करोड़ रुपये का लेनदेन भी प्रभावित रहा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और निजी बैंकों की सेवाएं चलती रहने से कुछ हद तक ग्राहकों को वैकल्पिक सुविधा मिलती रही।
क्षेत्रीय, मंडलीय और शाखा कार्यालयों पर धरना, कर्मचारियों ने उठाईं मांगें
बैंक कर्मचारियों ने विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय , मंडलीय और आंचलिक कार्यालयों के साथ विभिन्न शाखा कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और कर्मचारियों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर आवाज उठाई। भारतीय स्टेट बैंक के माल रोड स्थित कार्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन में स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के उपमहामंत्री जय प्रकाश मिश्रा ने कहा कि 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनने के बावजूद इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई है। कर्मचारियों ने सभी शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की। यूनाइटेड फोरम के नगर संयोजक रजनीश गुप्ता और सह-संयोजक प्रवीण मिश्रा ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और बैंक ग्राहकों को भी कामकाजी दिनों में अधिक प्रभावी सेवा मिल सकेगी।
पीएलआई में समानता और पेंशन अपडेशन की मांग
प्रदर्शनकारियों ने स्केल-चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए अलग परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) व्यवस्था का विरोध किया। कर्मचारियों ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पारदर्शी एवं समान पीएलआई फार्मूला लागू करने की मांग की। इसके साथ पेंशन अपडेशन, समान डीए फार्मूला, एनपीएस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प देने तथा लंबित सेवा संबंधी मामलों के समाधान की मांग भी उठाई गई।
28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की तैयारी
यूनाइटेड फोरम ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का एलान किया है। 14 से 24 सितंबर तक विभिन्न राज्यों की राजधानियों और प्रमुख केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित हैं। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल होगी। मांगों पर सहमति नहीं बनने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी गई है। यूनाइटेड फोरम के नेताओं मनोज तिवारी, अंकुर द्विवेदी, जय प्रकाश मिश्रा, अंकुर मिश्रा, राज कुमार और अरविंद द्विवेदी समेत अन्य पदाधिकारियों ने हड़ताल को सफल बताया।
