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श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी से लेकर ग्रेच्युटी तक मिलेगा हक, योजनाओं में अड़चन दूर करने के निर्देश, बाल श्रम पर भी सख्ती

Published: Wed, 02 Sep 2026 09:13 PM (GMT+05:30)

श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने न्यूनतम मजदूरी, ग्रेच्युटी और श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़ी समस्याओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए ...और पढ़ें

दैनिक जागरण प्रश्न पहर में पाठकों के सवालों जवाब देतीं श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल। जागरण

दैनिक जागरण प्रश्न पहर में पाठकों के सवालों जवाब देतीं श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल। जागरण

HighLights

  1. न्यूनतम मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश

  2. श्रमिक कल्याण योजनाओं के आवेदन पोर्टल को अपडेट किया गया

  3. ग्रेच्युटी और अवैध छंटनी पर तत्काल कार्रवाई होगी

जागरण संवाददाता, कानपुर। श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी से लेकर योजनाओं के आवेदन और सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी तक की समस्याओं पर श्रम विभाग सख्ती से कार्रवाई करेगा। श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने साफ किया कि तय न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं श्रमिक कल्याण योजनाओं के आवेदन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए पोर्टल को अपडेट किया गया है। यह जानकारी श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बुधवार को दैनिक जागरण प्रश्न पहर में पाठकों के सवालों पर दी। उन्होंने कई लोगों की समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।


न्यूनतम मजदूरी तय होने के बाद भी श्रमिकों को छह से आठ हजार रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। श्रम विभाग के अफसरों से कई बार शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।-सुरेश पाल सिंह अलीगढ़
अकुशल, अर्द्ध कुशल और कुशल श्रेणी में न्यूनतम मजदूरी निर्धारित है। हर हाल में तय मजदूरी दिलाई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई भी कराई जाएगी।


श्रमिकों के लिए चल रही योजनाओं के आवेदन में दिक्कत आ रही है। इससे योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है। -गिरिजा शंकर, मैनपुरी
उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल को अपेडट किया गया है। पोर्टल सुचारू रूप से काम करने लगा था। अब क्या दिक्कत है, दिखवाया जाएगा।


निजी अस्पताल से सेवानिवृत्त होने के बाद ग्रेच्युटी नहीं दी गई। इस पर परिवाद दाखिल किया है। अस्पताल की तरफ से कोई हाजिर ही नहीं हो रहा है।-राजीव कुमार शर्मा, मथुरा
आपकी समस्या नोट करा दी गई है। पूरा प्रकरण दिखवाते हुए नियमानुसार कार्यवाही कराकर ग्रेच्युटी दिलाई जाएगी।


श्रम विभाग की कालोनी में काफी समस्याएं हैं। सफाई तक नहीं होती है। सीवर लाइन चोक हैं।-अखिल कुमार नौटियाल, प्रयागराज
बुनियादी नागरिक सुविधाएं नगर निगम देखता है। भूमि विवाद, आवंटन, अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जिम्मेदारी श्रम विभाग की होती है।


एक विद्यालय में आउटसोर्सिग पर शिक्षिका के रूप में नौ साल से काम कर रही थीं। अब ठेकेदार ने कई शिक्षिकाओं को बिना नोटिस दिए हटा दिया है।-विभा मिश्रा, फतेहगढ़
जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। आप से श्रम विभाग के अफसर संपर्क करेंगे।

 

पत्नी फैक्ट्री में काम करती है। काम करते समय हाथ टूट गया था। मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। बेटी की शादी में आर्थिक मदद चाहिए।-आशीष कुमार, पनकी
क्लेम का प्रकरण दिखवाया जाएगा। बेटी की शादी के लिए आर्थिक मदद के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर आवेदन करिए।


खेती-बाड़ी का काम करने वाले मजदूरों के लिए कोई योजनाएं नहीं हैं।-भागलपुर देवरिया
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा देते हुए अभी ई श्रम कार्ड की सुविधा दी जा रही है।


ई श्रम और लेबर कार्ड बना है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलती हैं। -सुरेश अवस्थी, पांडुनगर
जल्द मोबाइल मेडिकल की सुविधा मिलने लगेगी। हर जिले में तीन दिन स्वास्थ्य मेले भी लगवाए जाएंगे।


मेरे समेत 28 लोग एक शो रूम में काम करते हैं। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर भी काम लिया जाता है।-अनुज ओझा, बनारस
अवकाश के दिनों में काम नहीं लिया जा सकता। जांच करवाने के बाद कार्रवाई होगी।


मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए श्रम विभाग की क्या सुविधाएं हैं।-राम लखन तिवारी, प्रतापगढ़
पंजीकृत मजदूर अपने बच्चों को अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ा सकते हैं। रहना, खाना और पढ़ाई मुफ्त में होती है।


मेरे रिश्तेदार कारखाने में काम करते हैं। लेबर कार्ड कैसे बनवा सकते हैं।-लियाकत अली, सहारनपुर
नजदीक के सीएससी पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत कर कार्ड बन जाएगा।


कानपुर फर्टिलाइजर लिमिटेड में काम करने वालों को बिन नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया गया है। -भुवन जोषी, बर्रा
जांच करवाई जाएगी। श्रम कानूनों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।


श्रम संहिता पूरी तरह प्रभावी नहीं हैं। फंड और बीमा की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शिकायत पर नौकरी जाने का डर रहता है।- दिलीप कुमार, महोबा
हेल्प लाइन पर ब्योरे के साथ शिकायत करिए। नाम गोपनीय रखते हुए जांच कराई जाएगी।

 

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