निसंतान दंपतियों को अब झांसी में भी जल्द मिलेगी सरोगेसी की सुविधा, इन 5 अस्पतालों को मिलेगा लाइसेंस
झांसी में अब जल्द ही सरोगेसी की सुविधा मिलने लगेगी, स्वास्थ्य विभाग ने 5 अस्पतालों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारत में व्यावसायिक सरोगेसी प्रतिबंधित है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
झांसी में सरोगेसी सुविधा के लिए लाइसेंस प्रक्रिया शुरू।
स्वास्थ्य विभाग ने 5 अस्पतालों का निरीक्षण कर मंजूरी दी।
भारत में केवल परोपकारी सरोगेसी को ही अनुमति है।
जागरण संवादादाता, झांसी। सन्तान सुख की चाह रखने वाले दम्पतियों के लिए झांसी में सरोगेसी (किराए की कोख) की सुविधा का रास्ता खुलने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के स्तर से जिले में सरोगेसी सेवा के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है। इसके लिए प्रथम पंक्ति में 7 संस्थानों ने आवेदन किया है।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनमें से 5 का निरीक्षण कर वहां सरोगेसी से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाओं और क्षमताओं का जायजा लिया। विभाग के अनुसार निरीक्षण में व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप मिली हैं। ऐसे में इन संस्थानों को लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
भारत में व्यावसायिक सरोगेसी हैप्रतिबन्धित
सरोगेसी में एक महिला इच्छुक दम्पती के लिए गर्भ धारण कर बच्चे को जन्म देती है और जन्म के बाद बच्चे को उस इच्छुक माता-पिता को सौंपा जाता है। मौजूदा कानून के तहत इसके लिए निर्धारित चिकित्सकीय और कानूनी शर्तों का पालन आवश्यक है। भारत में व्यावसायिक सरोगेसी प्रतिबन्धित है। केवल परोपकारी सरोगेसी की अनुमति है, जिसमें किराए पर अपनी कोख देने वाली मां को व्यावसायिक भुगतान या लाभ नहीं दिया गया हो।
उसके निर्धारित चिकित्सकीय खर्च और कानून के तहत जो भी बीमा सम्बन्धी प्राविधान किए जा सकते हैं, वह किए गए हो। सरोगेसी को इस तरह से समझ सकते है कि यह एक किराए की कोख होती है कि किसी दम्पती का बच्चा किसी और महिला के गर्भाशय में 9 माह तक पाला जाता है। सरोगेसी की प्रक्रिया केवल पंजीकृत केन्द्र में ही की जा सकती है।
कानून के अनुसार इच्छुक पक्षों और सरोगेट मां के लिए पात्रता तथा आवश्यक प्रमाणपत्रों की व्यवस्था भी निर्धारित है। साथ ही चिकित्सकीय आवश्यकता, बीमा और अन्य कानूनी शर्तों का पालन करना होता है।
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इसी के लिए अब यह सुविधा झाँसी में निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराने के लिए लाइसेंस देने के रास्ते खुल गए है और इनको लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिए पूरी कर ली जा रही है, और अब इन्हें स्वास्थ्य विभाग लाइसेंस दे रहा है।
इन्होंने कहा?
सरोगेसी का लाइसेंस लेने के लिए जिले के 7 अस्पतालों के आवेदन विभाग को मिले थे। इनमें से 5 का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी जा चुकी हैं। व्यवस्थाएं सही मिली है इन्हें लाइसेंस दिया जाएगा।
-डॉ. आशीष अग्निहोत्री. डिप्टी सीएमओ, झांसी
