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पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर के उत्पीड़न का आरोप खारिज, देवरिया प्रशासन ने भेजी 169 पन्नों की जांच रिपोर्ट

Published: Sat, 26 Sep 2026 07:10 PM (IST)

देवरिया जिला प्रशासन ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें ...और पढ़ें

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HighLights

  1. देवरिया प्रशासन ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के उत्पीड़न आरोप खारिज किए।

  2. न्यायालय में पेशी के दौरान सुरक्षा हेतु एहतियाती कदम उठाए गए।

  3. नूतन ठाकुर ने विवेचक को 169 पन्नों के दस्तावेज सौंपे, जांच जारी।

जागरण संवाददाता, देवरिया। देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के साथ हुए कथित उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों को जिला प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है। पूर्व आईपीएस की पत्नी नूतन ठाकुर की शिकायत पर शासन को भेजी गई अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 10 दिसंबर 2025 को देवरिया न्यायालय में पेशी के समय भारी भीड़ एकत्र हो गई थी।

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को खतरे की आशंका के चलते केवल आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए थे। जांच में पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने नूतन ठाकुर को मामले से संबंधित अनुतोष के लिए विवेचक से संपर्क करने की सलाह दी है। गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर को शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लेकर देवरिया लाया गया था।

विवेचक को सौंपे 169 पन्नों के अभिलेख

इसी क्रम में नूतन ठाकुर ने 16 अगस्त 2026 को मामले के विवेचक निरीक्षक सोबरन सिंह को लगभग 169 पन्नों के महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे हैं। नूतन ठाकुर ने शिकायतकर्ता संजय शर्मा और उनकी पत्नी द्वारा वर्ष 2017-18 से लगातार की जा रही शिकायतों व आवेदनों के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है। उन्होंने दावा किया कि दोनों की ओर से 3,800 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनका सत्यापन मूल आईजीआरएस (IGRS) रिकॉर्ड से कराया जाना आवश्यक है।

37 साल पुराने भूखंड आवंटन से जुड़ा है विवाद

नूतन ठाकुर ने वर्ष 1999 में आवंटित एक औद्योगिक भूखंड से जुड़े मामले का भी अपनी अर्जी में विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) की अध्यक्षता वाली त्रि-सदस्यीय जांच समिति ने 19 जनवरी 2020 की अपनी रिपोर्ट में किसी भी तरह की धांधली के बजाय केवल लिपिकीय त्रुटियां माना था। इसके अलावा उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ द्वारा 19 मई 2019 को धारा 156(3) के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र खारिज किए जाने के आदेश का भी हवाला दिया है।

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एसआइटी कर रही विवेचना

इस पूरे विवाद में संजय शर्मा की तहरीर पर 12 सितंबर 2025 को लखनऊ के तालकटोरा थाने में नूतन ठाकुर, अमिताभ ठाकुर तथा अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था।

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मामले का देवरिया से जुड़ाव सामने आने पर सदर कोतवाली में भी मुकदमा कायम किया गया। हालांकि, संवेदनशीलता को देखते हुए अब इस पूरे प्रकरण की जांच लखनऊ एसआइटी को सौंपी गई है।