कंप्यूटर इंजीनियर बनीं IPS, फिर अपराधियों पर कसा शिकंजा; झांसी में अरीबा नोमान ने ऐसे किया साइबर सिंडिकेट का सफाया
झाँसी में आईपीएस अरीबा नोमान ने अपने कार्यकाल के दौरान साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की। उन्होंने कटेरा में बड़े ...और पढ़ें

HighLights
कटेरा में बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का किया पर्दाफाश।
ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी और फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई।
तकनीकी शिक्षा से साइबर अपराधों को समझने में मिली मदद।
जागरण संवाददाता, झासी। कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई, सिविल सेवा में चयन और फिर पुलिस सेवा में तकनीक को अपराध के खिलाफ हथियार बनाने वाली अरीबा नोमान ने झाँसी में अपने कार्यकाल के दौरान साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की।
कटेरा क्षेत्र के तीन गांवों में संचालित साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ उनके नेतृत्व में हुई कार्रवाई में 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और जांच के बाद 23 आरोपित गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने 120 मोबाइल फोन, 35 डेबिट कार्ड, 29 बैंक पासबुक, लैपटॉप, टैबलेट और नकदी समेत बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की।
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झाँसी में यह उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल रही। पुलिस ने करीब एक महीने तक नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखकर तड़के एक साथ तीन गांवों की घेराबंदी की थी। आरोपित पुलिस अधिकारी और जांच एजेंसी का कर्मचारी बनकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर ठगी करते थे। कार्रवाई में फर्जी पुलिस वर्दी, सायरन, पुलिस लोगो और अन्य सामान भी मिला।
ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क पर भी प्रहार
अरीबा नोमान के कार्यकाल में झाँसी पुलिस ने ऑनलाइन आइपीएल सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की। पुलिस ने सट्टेबाजी एप के लिए सर्वर उपलब्ध कराने वाले आरोपित को गिरफ्तार किया और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की। आर्थिक लेनदेन और तकनीकी नेटवर्क की भी जांच की गई।
फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भी राजफाश

नवाबाद क्षेत्र में फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का पर्दाफाश भी उनके कार्यकाल की उल्लेखनीय कार्रवाई रही। पुलिस ने नौ युवतियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया। जाँच में 41 लाख रुपये के लेनदेन से संबंधित दस्तावेज और बड़ी संख्या में मोबाइल, बैंकिंग तथा डिजिटल उपकरण बरामद हुए।
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इसके अलावा अगस्त 2026 में प्रेमनगर क्षेत्र में 403 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े साइबर ठगी नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ। पुलिस के अनुसार गिरोह साइबर ठगी की रकम को यूएसडीटी में बदलकर विदेशी हैंडलरों तक पहुंचाता था। इस मामले में छह आरोपित गिरफ्तार किए गए और 325 साइबर शिकायतों से जुड़ी रकम की जांच सामने आई।
पढ़ाई से आइपीएस बनने तक का सफर
उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार अरीबा नोमान का गृह स्थान सुल्तानपुर है, उनका जन्म 27 जुलाई 1995 को हुआ और उनकी शैक्षिक योग्यता बीटेक (कंप्यूटर साइंस) है। वह 2022 बैच की आइपीएस अधिकारी हैं और जुलाई 2025 से झांसी में सहायक पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहीं।
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तकनीकी शिक्षा के कारण साइबर अपराध की कार्यप्रणाली को समझने में उनकी विशेषज्ञता झाँसी में हुई कार्रवाइयों में उपयोगी साबित हुई। कटेरा की कार्रवाई के बाद एडीजी कानपुर जोन ने अरीबा नोमान और तत्कालीन एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
