यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जौनपुर में 23 साल से निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य
इनके द्वारा पढ़ाए गए बच्चे इंजीनियर, चिकित्सक बनकर देश-विदेश में सेवा दे रहे हैं तो कई शिष्य बड़ी संख्या में सुरक्षा, स्वास्थ्य व प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं।

जौनपुर (जागरण संवाददाता)। शिक्षक कभी अवकाश ग्रहण नहीं करता, वह जीवनभर शिक्षा की ज्योति से प्रकाशान्वित करता रहता है। इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं नाऊपुर निवासी नित्यानंद सिंह। प्रधानाचार्य पद से वर्ष 1994 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी लगातार 23 साल से घर पर मुफ्त तालीम दे रहे हैं।
इनके पढ़ाए शिष्य देश-विदेश में सेवा दे रहे हैं। केराकत के नाऊपुर निवासी नित्यानंद सिंह ने कृषक इंटर कालेज थानागद्दी में अंग्रेजी शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की थी। 1994 में प्रधानाचार्य पद से अवकाश ग्रहण करने के बाद भी अध्यापन कार्य जारी रखे हुए हैं। बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का निश्चय कर प्रतिदिन सुबह-शाम घर पर ही पढ़ाते हैं।
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इनके द्वारा पढ़ाए गए बच्चे इंजीनियर, चिकित्सक बनकर देश-विदेश में सेवा दे रहे हैं तो कई शिष्य बड़ी संख्या में सुरक्षा, स्वास्थ्य व प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं। सरकारी विद्यालयों में भारी भरकम वेतन लेकर विद्यालय न जाने वाले शिक्षकों को आइना दिखा रहे सिंह ने कहा कि शिक्षक पर देश की जिम्मेदारी होती है। वह दायित्व से विमुख हो गया तो विकास रुकेगा व गुरु की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न् लग जाएगा।