जौनपुर में जमीन विवाद में ताऊ की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या, 5 बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
जौनपुर के खेतासराय स्थित रानीमऊ गांव में मंगलवार को भूमि विवाद में भतीजों ने 56 वर्षीय मोहम्मद अकरम की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी।

जमीन विवाद में ताऊ की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या।
HighLights
जौनपुर में भूमि विवाद में चाचा की हत्या।
भतीजों ने लाठी-डंडों से पीटकर ली जान।
राजस्व विभाग पर बंटवारा न करने का आरोप।
जागरण संवाददाता, खेतासराय (जौनपुर)। रानीमऊ गांव में मंगलवार की दोपहर भूमि विवाद में भतीजों ने लाठी-डंडे से पीटकर 56 वर्षीय मोहम्मद अकरम की हत्या कर दी। पत्नी नरगिस की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
मोहम्मद अकरम और उनके भाई वहाजुद्दीन के बीच काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। इनकी बीच जमीन का बंटवारा काफी पहले हो चुका था। घर के एक अहाते को लेकर विवाद चल रहा था। दूसरा पक्ष पुनः बंटवारे की बात कर रहा था।
मंगलवार दोपहर में इसी मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के छह से अधिक लोगों ने लाठी-डंडों से मोहम्मद अकरम पर जानलेवा हमला बोल दिया। हमलावरों के ताबड़तोड़ प्रहार से मोहम्मद अकरम गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।
जब तक स्वजन इलाज के लिए उन्हें कहीं ले जाने की व्यवस्था करते उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। खेतासराय थाने की पुलिस टीम स्थिति का जायजा लिया। थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि वह बीमार भी थे, पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि वास्तव में मौत की असली वजह क्या है।
अकरम की पत्नी नर्गिस जहां रोकर बेहाल हैं, वहीं पांच बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। इनमें दो की शादी हो चुकी है, जबकि तीन अभी अविवाहित हैं।
बंटवारा हो गया होता तो आज जीवित होते अकरम
भूमि विवाद में हुई हत्या ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकरम के स्वजन का आरोप है कि यदि समय रहते जमीन का बंटवारा कर दिया होता तो शायद आज वह जीवित रहते।
अकरम और उनके भाई वहाबुद्दीन के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद के समाधान के लिए अकरम ने उपजिलाधिकारी शाहगंज के न्यायालय में फाट का मुकदमा दाखिल किया था।
करीब तीन माह पूर्व इस संबंध में आदेश भी हो गया था, लेकिन आरोप है कि हल्का लेखपाल ने जमीन की पैमाइश और फाट की कार्रवाई नहीं की। उधर, इस मामले में हल्का लेखपाल पंकज पटेल का कहना है कि उनके पास कोई आवेदन नहीं है।
