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जौनपुर में कचरे से बन रही जैविक खाद, 35 लाख की लागत से स्थापित हुआ प्लांट

Published: Fri, 09 Oct 2026 03:57 PM (GMT+05:30)

केराकत नगर पंचायत में 35 लाख की लागत से स्थापित एमआरएफ सेंटर में गीले कचरे से जैविक खाद बनाने का कार्य शुरू हो गया है।

केराकत क्षेत्र के हुरहुरी स्थित प्लांट में कचरे से पालीथीन व अन्य सामान को अलग करते कर्मचारी।

 केराकत क्षेत्र के हुरहुरी स्थित प्लांट में कचरे से पालीथीन व अन्य सामान को अलग करते कर्मचारी। 

HighLights

  1. केराकत में गीले कचरे से जैविक खाद उत्पादन शुरू।

  2. 35 लाख की लागत से स्थापित हुआ प्रोसेसिंग प्लांट।

  3. खाद बिक्री से नगर पंचायत को मिलेगा नया राजस्व।

जागरण संवाददाता, केराकत (जौनपुर)। नगर क्षेत्र में अब कूड़ा न तो गंदगी फैलाएगा और न ही समस्या बनेगा, बल्कि यह नगर पंचायत के लिए कमाई का नया जरिया बनने जा रहा है। केराकत नगर पंचायत के हुरहुरी गांव स्थित एमआरएफ (मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर में गीले कचरे से बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार करने का कार्य शुरू हो गया है।

इस पहल से एक तरफ जहां नगर के कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ नगर पंचायत की आय बढ़ाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है।

करीब 35 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस वेट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता प्रतिदिन नगर से निकलने वाले लगभग 2.25 मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की है। प्रोसेसिंग प्लांट में संकलित गीले कचरे को विभिन्न चरणों से गुजारकर महज 21 दिनों में उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद में बदल दिया जाता है। इस खाद को अब बाजार में बिक्री के लिए उतारने की योजना पर काम चल रहा है।

नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी सना सगीर ने बताया कि वर्तमान में तैयार की जा रही जैविक खाद को एमआरएफ सेंटर में सुरक्षित स्टोर किया जा रहा है। खाद को बाजार में उतारने से पूर्व प्रयोगशाला में इसकी रासायनिक व पोषक तत्वों की जांच कराई जाएगी।

इसके पीएच वैल्यू की सटीक रिपोर्ट आने के बाद इसे आधिकारिक रूप से बिक्री के लिए हरी झंडी दी जाएगी। यह खाद किफायती दरों पर स्थानीय किसानों, बागवानों और नर्सरी संचालकों को उपलब्ध कराई जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह प्रयोग बेहद कारगर साबित हो रहा है। खाद की बिक्री शुरू होने से न केवल जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि कचरे के इस पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) से केराकत नगर पंचायत को राजस्व का एक स्थायी और नया स्रोत भी हासिल होगा।

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