जौनपुर: वर्ष 2003 में मुलायम ¨सह यादव के मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री रह चुके शैलेंद्र यादव 'ललई' अपने 22 वर्ष के राजनीतिक सफर में दूसरी बार राज्यमंत्री बने।

1993 में खुटहन विस से जनता दल के बैनर तले राजनीतिक पारी शुरू करने वाले ललई यादव विस चुनाव में लगातार तीन बार फतह हासिल कर हैट्रिक लगा चुके हैं। 2003 में बसपा से बगावत कर सपा की सरकार बनवाने में इनकी अहम भूमिका रही।

पार्टी के धाकड़ नेता के रूप में अपनी छवि बनाने वाले ललई यादव ने शुरुआत में जब 1993 में जनता दल प्रत्याशी के रूप में खुटहन विस से अपनी किस्मत आजमाई थी तो उन्हें सफलता नहीं मिल सकी थी।

हालांकि कुछ ही वर्षों बाद उन्होंने बसपा का दामन थामा और 2002 में बसपा के टिकट पर उन्होंने खुटहन के तत्कालीन चर्चित विधायक उमाकांत यादव को पटखनी देकर विधायक बने। उस समय प्रदेश में बसपा की सरकार भी बनी। हालांकि 2003 में इन्होंने बसपा से बगावत कर सपा की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाई। इसके एवज में मुलायम ¨सह यादव ने उन्हें राज्यमंत्री बनाकर पुरस्कृत किया।

2007 के विधानसभा चुनाव में इन्होंने खुटहन से ही मछलीशहर के बसपा सांसद उमाकांत यादव के पुत्र दिनेश कांत यादव को पराजित किया।

2012 विस चुनाव में नए परिसीमन के बाद इन्होंने शाहगंज विस से सपा के टिकट पर तत्कालीन मंत्री बसपा प्रत्याशी धर्मराज निषाद को चित किया।

प्रदेश में बहुमत वाली अखिलेश यादव के पदारूढ़ होने पर इन्हें मंत्री बनाए जाने को आश्वस्त इनके समर्थकों को तब निराशा हाथ लगी जब इन्हें मंत्री नहीं बनाया गया।

अब मंत्रिमंडल विस्तार में ललई यादव को पुन: राज्यमंत्री के रूप में शामिल किए जाने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है।