उरई में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ होते ही पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, हल्का इंचार्ज और दो सिपाही सस्पेंड
उरई के ऐरी रमपुरा में सिंथेटिक ड्रग्स मेफेड्रोन फैक्ट्री के भंडाफोड़ के बाद, एसपी ने लापरवाही बरतने पर हल्का इंचार्ज ...और पढ़ें
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HighLights
उरई में सिंथेटिक ड्रग्स मेफेड्रोन फैक्ट्री का भंडाफोड़।
लापरवाही के आरोप में तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।
डीआरआइ और एटीएस ने भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी।
जागरण संवाददाता, उरई। डकोर थाने के ऐरी रमपुरा में राजस्व खुफिया महानिदेशालय (डीआरआइ) व आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम द्वारा 29 अक्टूबर को सिंथेटिक ड्रग्स मेफेड्रोन (एमडी) तैयार करने की पकड़े गए कारखाने के मामले में क्षेत्र के हल्का इंचार्ज और साथ में गश्त करने वाले दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
एसपी सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि ऐरी रमपुरा व जुड़े क्षेत्र में गश्त और निगरानी करने में इन तीनों की जिम्मेदारी थी, जिसमें इनकी ओर से लापरवाही बरते जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
मालूम हो कि गुरुवार सुबह टीम को ऐरी रमपुरा में कारखाने में छापेमारी के दौरान ड्रग्स बनाने के लिए प्रयोगशाला मिली थी। 184 किलो ग्राम अर्धनिर्मित ड्रग्स, 582.2 किलोग्राम रसायन व उपकरण मिले थे। आरोपित के घर से 15.44 किलोग्राम मेफेड्रोन, 152.94 किलोग्राम रसायन और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीन बरामद हुई।
दूसरे आरोपित के घर में परिसर से 168.3 किलोग्राम रसायन मिले थे। इस तरह कुल ड्रग्स व उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की कुल बरामदी 1102.88 किलोग्राम थी। पांच-छह माह से संचालित इस कारखाने की भनक तक पुलिस को नहीं लगी जबकि पुलिस टीम गांव व क्षेत्र में गश्त पर रहती है।
इसी गांव में 2022 को मुख्यमंत्री भी आए थे। उसके बाद से तो अधिकारियों का अक्सर आना जाना बना रहता है। यहां पुलिस की निगरानी भी अधिक होती है। क्षेत्र में निगरानी की जिम्मेदारी डकोर थाने के उप निरीक्षक प्रेम पाल, सिपाही अंकित कुमार व राजेश वर्मा की थी। इसमें प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही मानते हुए तीनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर लाइन भेज दिया गया है।