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बहरों को सुनाने के लिए धमाका जरूरी..IAS रिंकू सिंह का X पर पोस्ट, कहा- ये मेरी निजी राय

Published: Wed, 12 Aug 2026 06:55 PM (GMT+05:30)

आईएएस रिंकू सिंह राही ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि बहरों को सुनाने के लिए धमाका जरूरी है, यह ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एसडीएम न्यायिक ने इंटरनेट मीडिया में पोस्ट डालकर रखी अपनी बात

  2. पूछने पर इसे निजी राय बताया, कहा-किसी पर कोई आरोप नहीं लगा रहे

  3. राजस्व कोर्ट में सहयोग न करने पर अड़े हैं वकील, तीन अगस्त से चल रहा असहयोग

जागरण संवाददाता, उरई। बिना काम के वेतन लेना नियम के विपरीत बताकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी रिंकू सिंह राही ने इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर पोस्ट डाल कर कहा कि बहरों को सुनाने के लिए धमाका जरूरी है। वह व्यवस्था से हटकर काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें दंड अवश्य मिले, इससे आगे अवसर भी मिलेगा।

पोस्ट के संबंध में उन्होंने कहा, यह उनकी अपनी निजी राय है। इसमें किसी पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। सभी अपने तरीके से काम करते हैं। उधर, एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह की कोर्ट का वकीलों का असहयोग बुधवार को भी जारी रहा। वकीलों का दूसरा गुट भी राजस्व कोर्ट का असहयोग कर रहा है।

जालौन तहसील में पांच मई को एसडीएम के पद पर पहली तैनाती हुई थी। वहां निवर्तमान ब्लाक प्रमुख राम राजा निरंजन से उस समय टकरा हो गया था जब 23 जून को ब्लाक प्रमुख के कोल्ड स्टोरेज की जांच के समय उन्हें थप्पड़ मारने का प्रयास किया था। ब्लाक प्रमुख की शिकायत पर अभी भी एडीएम वित्त एवं राजस्व राजीव राज व एएसपी ईशांत सोनी जांच कर रहे हैं।

30 जून को हुआ था स्थानांतरण

जालौन नगर में व्यापारी, तहसील कर्मियों, लेखपालों की ओर से हुई शिकायतों के बाद ही उनका 30 जून को सदर तहसील में एसडीएम न्यायिक के पद पर स्थानांतरण हो गया तो यहां भी नगरपालिका के विकास कार्यों की जांच, फिर 23 जुलाई को शासन के नाम आधा काम का आधा वेतन का पत्र और डीएम के जनता दर्शन पर सवाल खड़ा करने जैसी उनकी पोस्ट प्रचलित होने से विवादों में घिरते चले गए। उसके बाद पालिका की जांच टीम के सदस्य पद से आइएएस रिंकू सिंह को हटा दिया गया था।

अतिरिक्त गनर की कर चुके मांग

वह अपनी सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त गनर की मांग भी शासन से कर चुके हैं। वहीं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ओम नारायण सिंह ने बताया कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक रिंकू सिंह एसडीएम न्यायिक के पद से हट नहीं जाते। अब इसमें जिला बार संघ अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल की ओर से भी सहयोग मिल रहा है।

लिखा-राजस्व न्यायालयों में अत्यधिक गंदगी है

मंगलवार की देर रात डाली गई पोस्ट में रिंकू सिंह ने लिखा कि राजस्व न्यायालयों में अत्यधिक गंदगी है, जिसका कारण– जो अधिकारी प्रशासनिक दायित्व का निर्वहन करते हैं वे ही राजस्व न्यायालय में पीठासीन अधिकारियों का दायित्व निर्वहन करते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था उनके लिए न्यायिक व्यवस्था से अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए वे प्रशासनिक तौर पर फैली गंदगी को ही सही ठहराने का प्रयास करते हैं। मुझे कुछ नुकसान तो होगा लेकिन व्यवस्था में सुधार अवश्य होगा।

व्यवस्था पर मुझे भरोसा

उन्होंने लिखा कि बस यही प्रार्थना है कि मुझे अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर व्यवस्था में सुधार के कार्य करने के लिए दंड अवश्य मिले, क्योंकि यही दंड एक अवसर होगा। गंदगी को सुधारात्मक तरीके से सामने लाने के लिए बाकी व्यवस्था पर मुझे इतना भरोसा है कि मेरी कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देगी। सुधार अवश्य होगा।

रिंकू सिंह और वकीलों के बीच ये है विवाद

एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही व वकीलों के बीच जुलाई माह से ही चल रहा है। वकीलों का कहना है कि एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह उनके मुवक्किल के सामने उनकी बेइज्जती करते हैं। तेज आवाज में बुलाना और अन्य तरीके से परेशान करते हैं। वादी व उनके अनुपस्थित रहने पर एक पक्षीय कार्रवाही की धमकी देते हैं। इसी के चलते अधिवक्ता उन्हें न्यायिक एसडीएम के पद से हटाने की मांग पर अड़े हैं। तीन अगस्त से अधिवक्ताओं की ओर से राजस्व कोर्ट का असहयोग किया जा रहा है।

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