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कठिया गेहूं बदलेगा किसानों की किस्मत: यूपी सरकार इन लोगों को देने जा रही GI टैग; होगा मोटा मुनाफा

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:42 PM (IST)

बुंदेलखंड के कठिया गेहूं को दो वर्ष पहले जीआई टैग मिलने के बाद अब जालौन के 128 किसानों और एक एफपीओ ने यूजर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. कठिया गेहूं को दो वर्ष पूर्व जीआई टैग मिला।

  2. जालौन के 128 किसानों ने यूजर प्रमाण पत्र हेतु आवेदन किया।

  3. प्रमाण पत्र से उपज की गुणवत्ता व बेहतर मूल्य सुनिश्चित होगा।

जागरण संवाददाता, उरई। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयास से बुंदेलखंड के कठिया गेहूं को दो वर्ष पूर्व जीआइ टैग प्राप्त हो चुका है। कठिया गेहूं के उत्पादन से जुड़े जिले के किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और उपज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब उन्हें जीआइ यूजर बनाते हुए प्रमाण पत्र दिलाने की कवायद शुरू हुई है। जिले के 128 किसानों और एक एफपीओ ने यूजर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है।

जीआइ टैग किसी क्षेत्र के विशिष्ट उत्पाद को प्रदान किया जाता है। चेन्नई स्थित जियोग्राफिकल इंडीकेशन्स रजिस्ट्री द्वारा यह टैग प्रदान किया जाता है।

यूजर को मिल जाता दै प्रमाण-पत्र  

उत्पाद को जीआइ टैग मिल जाने के बाद संबंधित उत्पाद को तैयार करने या उपज करने वालों को यूजर प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। इससे यह प्रमाणित होता है कि वे अधिकृत उत्पादक हैं और उनका उत्पाद गुणवत्ता और मानक के अनुरूप है।

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कठिया गेहूं के उत्पादन से जुड़े जालौन जिले के 128 किसानों और एक एफपीओ ने यूजर सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन दाखिल किया है। इस प्रक्रिया में प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों ने मदद प्रदान की है। जिले के ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक धीरपाल सिंह ने बताया कि यूजर सर्टिफिकेशन के लिए आवेदकों का सत्यापन करा दिया गया है।

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जिले से कठिया गेहूं के यूजर सर्टिफिकेशन किए 129 आवेदन हुए हैं। इनमें से 128 किसानों के आवेदन हैं और एक एफपीओ का आवेदन है। सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होते ही इन कृषकों के उत्पादों की गुणवत्ता प्रमाणित हो जाएगी और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त करने में आसानी होगी।