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पहली बार दुबई-ओमान जैसे खाड़ी देशों में पहुंचेगी यूपी के जालौन की हरी मटर, AC कंटेनरों में होगी सप्लाई

Published: Mon, 05 Oct 2026 10:10 PM (IST)

जालौन की जीआई टैग प्राप्त हरी मटर अब पहली बार दुबई, ओमान, कतर और नेपाल जैसे देशों में निर्यात की ...और पढ़ें

अब दुबई, ओमान, कतर तक पहुंचेगी जालौन की हरी मटर।

अब दुबई, ओमान, कतर तक पहुंचेगी जालौन की हरी मटर।

HighLights

  1. जालौन की जीआई टैग प्राप्त हरी मटर का होगा निर्यात।

  2. दुबई, ओमान, कतर और नेपाल जैसे देशों में भेजी जाएगी मटर।

  3. एफपीओ के माध्यम से पचास हजार किसानों को मिलेगा लाभ।

जागरण संवाददाता, उरई। मटर उत्पादन में जनपद जालौन प्रदेश में अग्रणी है। यहां की मटर को 2023 में जीआइ टैग भी मिल चुका है। हर साल किसानों की मटर खेत से ही खरीदने को मुंबई, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, लखनऊ और कानपुर के साथ कई दूर शहरों के व्यापारी पहुंचते हैं।

वहीं विपणन विभाग की सहयोग से बहुत से किसानों की उपज खरीद कर उसे दूसरे शहरों में भी सप्लाई किया जाता है। अब पहली बार यहां की मटर दूसरे देशों में भी भेजने की व्यवस्था की जा रही है। यह गुणवत्ता परक मटर एफपीओ (किसान उत्पादन संगठन) के माध्यम से किसानों से क्रय कर उसे सुरक्षित पैकिंग करके ओमान, कतर, दुबई और नेपाल भेजा जाएगा।

जिले में 150 लाख हेक्टेयर के करीब मटर की बोआई यहां के 80 हजार से अधिक किसानों द्वारा की जा जाती है। सितंबर माह से इसकी बोआई प्रारंभ हो जाती है। प्रारंभ में सब्जी वाली मटर की फलियों को तोड़ने का क्रम नवंबर माह से प्रारंभ होने लगता है।

इस दौरान यहां बाहरी व्यापारी खेतों में ही पहुंच कर थोक में मटर क्रय कर उसे दूसरे शहरों में ले जाने लगते हैं। उस दौरान किसानों को मूल्य भी बेहतर मिलता है। इस बार 805 मिमी हुई बेहतर बारिश से खेत भलीभांति तैयार हो चुके हैं।

इंसेट: एफपीओ से हुआ समझौता

जिले में तीन एफपीओ काम कर रहे हैं। इसमें एक डकोर मटर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, सीताराम ओवरसीज कंपनी लिमिटेड, यह डकोर और कदौरा दोनों ही ब्लाकों में संचालित है।

हरी मटर के इन तीन क्लस्टर को शासन से भी मंजूरी मिल चुकी है। वरिष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक धीरपाल सिंह ने बताया कि इन एफपीओ के द्वारा किसान की अच्छे गुणवत्ता वाली हरी मटर की फलियां व दाना की खरीद करके उन्हें सुरक्षित पैक करके खाड़ी देशों के साथ कतर, ओमान और दुबई व अन्य देशों में भी भेजा जाएगा। यह मटर फलीदार होगी और दाना भी पैक करके भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

अभी तक जालौन की मटर देश के कई बड़े शहरों तक आपूर्ति होती रही है। पहली बार विदेश भेजने की तैयारी है। इससे जिले के करीब पचास हजार किसानों को लाभ मिल सकेगा। जिले में कोंच, डकोर, जालौन क्षेत्र मटर उत्पादन में सबसे आगे है।

मटर में सब्जी वाली एम 7, एपी 3, जीएस 10, किस्म शामिल हैं। जिले में दंत्तेवाड़ा भी बोई जाती है, इसका दाना हरे रंग का होता है लेकिन होती सफेद मटर है। इसे नमकीन बनाने में अधिक उपयोग होता है। फलियां भेजने के लिए एसी कंटेनर का उपयोग होगा।

वरिष्ठ विपणन अधिकारी धीरपाल सिंह ने बताया कि मटर दाना भेजने के लिए मटर को गर्म करके दाना अलग होगा फिर पैक होगा। वहीं हरी फलियों को पैक कर सीधे एसी कंटेनर में सुरक्षित रखकर भेजा जाएगा।

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