बनारसियों के चूड़ा मटर के दिन आ गए, देहरादून की मटर ने संभाला मोर्चा, 180 रुपये किलो तक पहुंचा फुटकर भाव
वाराणसी में चूड़ा-मटर का सीज़न शुरू हो गया है, जिसमें देहरादून की मटर ₹180 प्रति किलो तक बिक रही है। ...और पढ़ें

वाराणसी में चूड़ा मटर का सीजन शुरू, देहरादून की मटर 180 रुपये किलो, शिमला की मटर का इंतजार।
HighLights
वाराणसी में चूड़ा-मटर का सीज़न शुरू, देहरादून की मटर का दबदबा।
देहरादून की मटर फुटकर में ₹180 प्रति किलो तक बिक रही।
नवंबर से शिमला की मटर आने पर दाम घटने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। अक्टूबर माह की शुरुआत के साथ ही बनारसियों के चूड़ा - मटर का सीजन भी अब आ चुका है। स्थानीय मटर भले ही दो माह की देरी से आए लेकिन पहाड़ों की मटर जो अगस्त माह से दस्तक दे रही है अब वह दो सौ रुपये प्रतिकिलो फुटकर भाव से कम आ चुकी है। अब चूड़ा मटर के लिए मटर की सस्ती कीमतें लोगों के जायके को राहत दे रही हैं।
वर्तमान में पहड़िया मंडी में देहरादून की मटर ने बाजार में प्रमुखता से स्थान बना लिया है। देहरादून से आने वाली मटर की थोक कीमत 140 रुपये प्रति किलो है, जबकि फुटकर बाजार में यह 180 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। महंगी मटर के कारण ग्राहकों को अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
मटर के थोक व्यापारी भोला जायसवाल, लालबाबू, दिलीप कुमार और राकेश सोनकर ने बताया कि इस समय मंडी में केवल देहरादून से आने वाली मटर की ही उपलब्धता है, जिससे बाजार की मांग पूरी की जा रही है। प्रतिदिन लगभग दो से तीन पिकअप मटर की आवक हो रही है।
व्यापारियों के अनुसार, नवंबर की शुरुआत से शिमला की नई मटर मंडी में मटर की आवक शुरू होने की उम्मीद है। शिमला की मटर की आवक बढ़ने के बाद बाजार में आपूर्ति में सुधार होगा और इसके साथ ही मटर के दाम भी कम होने की संभावना है। फिलहाल, देहरादून की मटर ही बाजार में उपलब्धता बनाए हुए है।
इस प्रकार, बनारस में मटर की बढ़ती कीमतें और सीमित आपूर्ति ने ग्राहकों को चिंतित कर दिया है। बाजार में मटर की महंगाई ने आम लोगों की जेब पर असर डाला है, जिससे उन्हें खरीदारी में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी में मटर की बढ़ती कीमतों के बीच, व्यापारी और ग्राहक दोनों ही शिमला की मटर की आवक का इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार में संतुलन स्थापित हो सके। इस समय, देहरादून की मटर ही एकमात्र विकल्प है, जो बाजार में उपलब्ध है। बनारस में मटर की स्थिति पर नजर रखना आवश्यक है, क्योंकि आने वाले दिनों में शिमला की मटर की आवक से बाजार में बदलाव आ सकता है।
