विजय दशमी पर दहन होगा 1.5 लाख का 'रावण', इस बार 65 फीट लंबा है हाथरस में दशानन का पुतला
आज हाथरस के पॉलिटेक्निक मैदान में 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा, जिसकी लागत करीब डेढ़ ...और पढ़ें

हाथरस एमजी पॉलीटेक्निकल कॉलेज के मैदान पर रावण पुतला देखते डीएम व एसपी। जागरण
HighLights
हाथरस में आज 65 फीट रावण का दहन।
पुतले की लागत करीब डेढ़ लाख रुपये है।
विनोद कुमार का परिवार 41 वर्षों से बना रहा।
जागरण संवाददाता, हाथरस। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व आज मनाया जा रहा है। आगरा रोड स्थित पॉलिटेक्निक मैदान में 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से तैयार पुतला इस बार दशहरा मेले का मुख्य आकर्षण का केंद्र है।
रावण दहन देखने के लिए शहर के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। उधर, मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए नगर पालिका ने मैदान और आसपास के मार्गों पर सफाई व व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई हैं।
41 वर्षों से पुतला बनाने के काम में जुटा है परिवार
रावण का पुतला तैयार करने की जिम्मेदारी हाथरस के बड़ा नवीपुर निवासी विनोद कुमार का परिवार लंबे समय से संभालता आ रहा है। परिवार करीब 41 वर्षों से पुतले बनाने के काम में जुटा है। बांस, कागज और अन्य सामग्री से तैयार किए जाने वाले पुतले को आकर्षक रूप देने के लिए कारीगर कई दिनों तक मेहनत करते हैं। इस बार 65 फीट ऊंचे पुतले पर करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत आई है। विजयादशमी पर आतिशबाजी के बीच पुतले का दहन किया जाएगा।
डीआरबी से गिजरौली तक सजेगा मेला
पॉलिटेक्निक मैदान के आसपास दशहरा मेले में दुकानें सजेंगी। डीआरबी से गिजरौली तक लगने वाली दुकानों के अलावा झूले और खेल-तमाशे लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मेले में हाथरस के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसे देखते हुए नगर पालिका ने मेला स्थल और आसपास सफाई कराई है। मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के साथ आवागमन सुचारु रखने के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।
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बारिश के बाद मैदान को किया दुरुस्त
पिछले दिनों हुई बारिश ने मेला स्थल की तैयारियों में बाधा डाली। पालिटेक्निक मैदान में जगह-जगह पानी भरने से कीचड़ और दलदल की स्थिति बन गई थी। नगर पालिका की टीम ने गड्ढों में मिट्टी डलवाई और जलभराव वाले स्थानों से पानी निकलवाया। जरूरत वाले स्थानों पर पंप सेट का इस्तेमाल किया गया। अब दशहरा मेले के दौरान भीड़ की आवाजाही को देखते हुए मैदान की स्थिति और आसपास के रास्तों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहेगा।
