हाथरस में एक दिन की SO बनीं मोनिका व रागिनी: फरियादियों की सुनीं शिकायतें, साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके सीखे
हाथरस में मिशन शक्ति के तहत कस्तूरबा गांधी विद्यालय की दो छात्राएं एक दिन की थाना प्रभारी बनीं, जिन्होंने पीड़ितों ...और पढ़ें

एक दिन की थाना प्रभारी बनीं रागिनी पीड़ितों की शिकायत सुनतीं हुई। सौ. से विभाग।
HighLights
मिशन शक्ति में छात्राएं बनीं एक दिन की थाना प्रभारी।
साइबर ठगी के 61,040 रुपये पीड़ितों को वापस मिले।
पुलिस ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए।
संवाद सहयोगी, हाथरस। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत हाथरस पुलिस ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और पहल की। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में साइबर क्राइम थाने में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की दो छात्राओं मोनिका और रागिनी को एक दिवसीय थानाध्यक्ष बनाया गया। एक दिवसीय थाना प्रभारी के रूप में दोनों छात्राओं ने पीड़ितों की शिकायतें सुनीं।
इस दौरान पुलिस ने उन्हें साइबर अपराध की शिकायत मिलने पर जांच प्रक्रिया, बैंक व एजेंसियों से समन्वय, डिजिटल साक्ष्यों के महत्व और ठगी की रकम रोकने की कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया।
ठगी की रकम रोकने की कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया
कार्यक्रम में बालिकाओं को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। पुलिस ने समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पिन, पासवर्ड किसी से साझा न करें, फर्जी फाइल और संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने और ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 और वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया। इस दौरान साइबर थाने को बड़ी सफलता मिली।
61 हजार की ठगी की रकम कराई वापस
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पीड़ितों की कुल 61,040 रुपये की ठगी की रकम वापस कराई। इसमें शिकायतकर्ता सुरेश के 46,000 रुपये और निर्मला के परिजन के 15,040 रुपये शामिल हैं। रकम वापस मिलने पर पीड़ितों ने हाथरस पुलिस का आभार जताया। पुलिस ने बताया कि साइबर मामलों में त्वरित शिकायत से रकम वापसी की संभावना बढ़ जाती है।
