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Raksha Bandhan 2026: भाई के लिए खरीदें सोने-चांदी की राखी, कीमत जान खुश हो जाएंगी बहनें

Published: Thu, 20 Aug 2026 03:12 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 20 Aug 2026 03:59 PM (GMT+05:30)

Raksha Bandhan 2026: हाथरस में रक्षाबंधन के लिए सोने और चांदी की राखियों की भारी मांग देखी जा रही है, जिनकी कीमतें 1,000 रुपये से शुरू होती हैं।

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संवाद सहयोगी, हाथरस। Gold Rakhi Price, Silver Rakhi Price: भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक है और लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

सर्राफा बाजार से लेकर सामान्य बाजार तक रंग-बिरंगी राखियों की भरमार है। इस बार सोने-चांदी की राखियों की मांग भी ठीकठाक है।

सर्राफा बाजार में भी रौनक

रक्षाबंधन नजदीक आते ही सर्राफा बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। ज्वेलर्स की दुकानों पर पारंपरिक धागे वाली राखियों के साथ-साथ डिजाइनर सोने और चांदी की राखियां भी बिक रही हैं। कुछ ग्राहक खास डिमांड पर कस्टमाइज्ड राखियां भी बनवा रहे हैं। इस साल सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद राखियों की बिक्री पर असर नहीं पड़ा है।

स्वर्ण व्यापारी राजेश बंसल ने बताया कि चांदी की राखियां एक हजार रुपये से शुरू हो रही हैं, जबकि सोने की राखियां 20 हजार रुपये से शुरू होकर ग्राहक की मांग के अनुसार उपलब्ध हैं। बाजार में ब्रांडेड और डिजाइनर राखियों की खास मांग है।

कुछ राखियां पतली सोने की चेन के साथ आती हैं तो कुछ हीरे से जड़ी हुई हैं, जो ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रही हैं। कीमतों की बात करें तो पिछले साल की तुलना में इस साल सोना-चांदी करीब दोगुना महंगा हो गया है। पिछले साल प्रति किलो चांदी 80 से 90 हजार रुपये थी जो अब 2.40 लाख रुपये के करीब पहुंच गई है। वहीं, सोना भी एक लाख 51 हजार रुपये हो गया है।

इसके बावजूद बहनों का उत्साह कम नहीं है। वे अपनी पसंदीदा और कीमती राखियां खरीदकर भाइयों की कलाई सजाने की तैयारी में जुटी हैं। व्यापारियों का कहना है कि महंगाई के बावजूद रक्षाबंधन पर भावनाएं हावी हैं। त्योहार के चलते बाजार में बिक्री में इजाफा हुआ है और आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

डिजाइनर राखियों का चलन बढ़ा

इस बार राखियों में गणपति, ओम, स्वास्तिक और रुद्राक्ष से जुड़ी थीम काफी पसंद की जा रही हैं। इसके साथ ही अन्य डिजाइन की राखियों का चलन भी बढ़ा है, जिसमें भाई का नाम या राशि उकेरी जा सकती है।

व्यापारियों के अनुसार, रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, भावनाओं का प्रतीक है। यही वजह है कि दाम चाहे जो भी हो, बहनें इस दिन को खास बनाने से पीछे नहीं हटतीं। स्वर्ण व्यापारियों ने बताया कि राखियों का कारोबार बढ़ा है। राखियों के नए-नए डिजाइनों की मांग बढ़ी है।

महिलाओं को लुभा रहे आर्टिफिशियल गहने

सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि होने के बाद महिलाओं को हल्के व आर्टिफिशियल गहने भा रहे हैं। बाजारों में चूड़ियों, चूड़ों व कपड़ों के उत्पादों की खूब मांग है। लोग यहां से साड़ियां, कपड़े, मैचिंग कड़े, हार व चूड़ियां छांटते नजर आ रहे हैं। चूड़ा और मेकअप के सामान की खरीदारी जोरों पर है। शहर से लेकर गांव तक रोजाना हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। महिलाओं से लेकर पुरुष तक देर रात तक बाजारों में चहल-पहल करते नजर आ रहे हैं।

आम से खास तक, सबके लिए राखियां

राखी बाजार में हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर वैरायटी लाई गई है, जहां एक ओर आम लोग 10 रुपये से 100 रुपये तक की सिंपल राखियां खरीद रहे हैं, वहीं चांदी और सोने की राखियों ने बाजार की रौनक बढ़ा दी है। ये राखियां केवल सजावटी ही नहीं, बल्कि अनमोल उपहार के रूप में भी देखी जा रही हैं।

चांदी के भाव तेज होने से रक्षाबंधन पर बाजार में हल्के वजन और आधुनिक डिजाइन की राखियों की मांग सबसे ज्यादा है। ग्राहक अब कम वजन में भी आकर्षक दिखने वाली राखियां पसंद कर रहे हैं। बजट को ध्यान में रखते हुए रेशम के धागे में चांदी के पेंडेंट और मोतियों वाली राखियां तैयार कराई गई हैं। - मनीष गोयल, सराफा व्यापारी

रक्षाबंधन पर बाजार में ग्राहक शुद्धता को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। गिलेट की राखियों की जगह लोग हालमार्क वाली चांदी की राखियां ही खरीदना पसंद कर रहे हैं। इस बार 93 प्रतिशत हालमार्क वाली चांदी की राखियों की मांग सबसे ज्यादा है। हालमार्किंग से ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है और बिक्री में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। - सुधीर जैन, सराफा व्यापारी

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