रक्षाबंधन पर भाइयों तक समय पर पहुंचेगी राखियां, छुट्टी के दिनों में भी खुले रहेंगे पोस्ट ऑफिस
भारतीय डाक विभाग ने रक्षाबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की है, जिसके तहत अवकाश के दिनों में भी डाकघर खुले रहेंगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
रक्षाबंधन के लिए अवकाश में भी खुले रहेंगे डाकघर।
राखियों की सुरक्षा हेतु वाटरप्रूफ लिफाफे उपलब्ध कराए गए।
देश-विदेश में राखी भेजने के लिए विशेष शुल्क निर्धारित।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व आगामी 28 अगस्त को मनाया जाएगा। बहनों से दूर विदेश एवं गैर प्रांत में रहने वाले भाइयों तक समय पर राखी पहुंचाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने विशेष तैयारी की है। पर्व तक पड़ने वाले रविवार व सार्वजनिक अवकाश के दिन भी डाकघर खुले रहेंगे।
रक्षाबंधन को देखते हुए प्रधान डाकघर में विशेष काउंटर बनाया गया है। मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए राखियों को वारिश व नमी से बचाने के लिए 10 रुपये शुल्क पर वाटरप्रूफ लिफाफे भी उपलब्ध है। साथ ही वाक्स के माध्यम से राखी, मिठाई, कुमकुम व पूजा सामग्री भेजी जा सकती है डाक विभाग ने चार हजार वाटरप्रूफ लिफाफों का स्टाक तैयार किया है
लिफाफे जलालपुर, जाफरगंज, मालीपुर, बसखारी, टांडा, बरियावन, विद्युत नगर महरुआ, भोटी, कटेहरी, औरंगनगर समेत 32 उप डाकघरों को भी उपलब्ध कराया गया है।
डाक विभाग अधिकारियों के अनुसार स्पीड पोस्ट के माध्यम से दिल्ली व मुबंई में 24 घंटे में राखी पहुंच जाएगी। विदेश के लिए तीन से छह दिन में डिलीवरी का लक्ष्य है।
यह शुल्क किया गया निर्धारित
डाकघर के माध्यम से भारत के किसी राज्य में राखी पैकेट को स्पीड पोस्ट से भेजने के लिए 42 रुपये व रजिस्ट्री डाक से 22 रुपये शुल्क निर्धारित है। सऊदी अरब, अमेरिका, दुबई, अन्य देशों में राखी भेजने के लिए रजिस्ट्री 400 और स्पीड पोस्ट 1,500 रुपये निर्धारित किया गया है।
हालांकि राखी पैकेट का वजन बढ़ने पर शुल्क में बढ़ोत्तरी होगी। प्रधान डाकघर के पोस्ट मास्टर सुमन पांडेय ने बताया कि अभी तक प्रधान डाकघर में 150 से अधिक राखी आ चुकी है अधिकांश का वितरण कर दिया गया है जो बची हैं उनका वितरण चल रहा है जिले से अब तक 25 राखियां विदेश भेजी गई हैं। 500 राखी दिल्ली, पंजाब लुधियाना कोलकाता तथा अलग राज्यों में भेजा गया है।
राखी के साथ आता है वहन का असीम प्यार और स्नेह
शहजादपुर के उमेश सिंह ने बताया कि बहन नीलम दिल्ली शहर में रहती है। तबीयत ठीक ना होने से राखी डाकखाने के माध्यम भेजी थी समय से मिल गई है।राखी के साथ बहन का प्यार भी आता है।
इंद्रलोक की कंचन ने बताया कि तीन वर्ष से लगातार डाकघर से राखी भेजती हूं। भेजी गई राखी पर्व से पहले ही भाई को मिल जाती है।डाकघर कमी बडे गंभीरता पूर्वकपहुंचाते हैं। अकबरपुर के संतोष ने बताया कि उनकी बहन प्रयागराज में रहती है।बहन द्वारा भेजी गई राखी मिल गई है अब रक्षाबंधन के दिन राखी बांधेगे।
