हाथरस: त्योहारों से पहले महंगा हुआ घरों का रंग-रोगन, पेंट के दाम 10% बढ़े
त्योहारों से पहले हाथरस में पेंट की कीमतों में 10% तक की वृद्धि हुई है, जिससे घरों की रंगाई-पुताई महंगी ...और पढ़ें

HighLights
त्योहारों से पहले पेंट की कीमतों में 10% वृद्धि।
कच्चे तेल की बढ़ती लागत मुख्य कारण है।
लोग बजट के अनुसार करा रहे हैं रंगाई-पुताई।
जागरण संवाददाता, हाथरस। त्योहारों पर घर को नया रूप देने की तैयारी इस बार लोगों की जेब पर भारी पड़ सकती है। दीपावली से पहले रंगाई-पुताई के लिए पेंट खरीदने बाजार पहुंच रहे लोगों को बढ़ी कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। कारोबारियों के अनुसार पेंट के दाम में करीब 10 फीसदी तक की तेजी आई है। इसका असर घरों की रंगाई-पुताई के कुल बजट पर पड़ रहा है।
पेंट के साथ पुट्टी, प्राइमर और कारीगरों की मजदूरी का खर्च जोड़ने पर मकान को नया रूप देना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। ऐसे में लोग पूरे घर की रंगाई कराने के बजाय जरूरत के हिसाब से कमरों और मुख्य हिस्सों की पुताई कराने का विकल्प चुन रहे हैं।
क्रूड ऑयल की तेजी से पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत बढ़ी
पेंट कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में तेजी के पीछे कच्चे माल की बढ़ती लागत प्रमुख वजह है। पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ तेल और रासायनिक पदार्थ विदेशों से आयात किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इनकी लागत पर पड़ता है। इससे पेंट निर्माण की लागत बढ़ती है और कंपनियां कीमतों में संशोधन करती हैं। कारोबारियों के मुताबिक, त्योहार के सीजन में मांग बढ़ने के बीच कीमतों में हुई इस वृद्धि का असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी दिखाई दे रहा है।
बजट के हिसाब से करा रहे रंगाई-पुताई
त्योहार पर घर की सजावट कराने वाले परिवार अब खर्च का हिसाब लगाकर पेंट का चुनाव कर रहे हैं। कुछ लोग महंगे और प्रीमियम पेंट के स्थान पर किफायती विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जबकि कई परिवार केवल बैठक, मुख्य दरवाजे और सामने के हिस्से की रंगाई कराने की योजना बना रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार ग्राहकों की जरूरत और बजट के हिसाब से पेंट की अलग-अलग श्रेणियों की मांग बनी हुई है। बाजार में मुख्य मांग डिस्टेंबर कलर और प्लास्टिक पेंट की है।
कच्चे माल की लागत का असर
घंटाघर स्थित पेंट कारोबारी मयंक वार्ष्णेय बताते हैं कि पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ तेल और रासायनिक पदार्थ बाहर से आयात किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमतों में तेजी आने से कच्चे माल की लागत बढ़ती है। इसका असर पेंट की कीमतों पर पड़ता है। इस बार पेंट के दाम में करीब 10 फीसदी तक की वृद्धि देखने को मिली है।
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ग्राहक कीमत देखकर कर रहे चुनाव
पेंट कारोबारी प्रहलाद वार्ष्णेय बताते हैं कि त्योहार के समय लोग घरों की रंगाई-पुताई कराने के लिए बाजार पहुंच रहे हैं। लेकिन बढ़ी कीमतों के कारण वे अपने बजट के अनुसार पेंट का चुनाव कर रहे हैं। कुछ ग्राहक किफायती श्रेणी के पेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं तो कुछ पूरे घर के बजाय चुनिंदा कमरों और मुख्य हिस्सों की रंगाई कराने की योजना बना रहे हैं।
