हाथरस ग्रामीण बैंक गबन: कोर्ट के आदेश पर 4.79 लाख रुपये धोखाधड़ी पर मुकदमा दर्ज
तत्कालीन सहायक प्रबंधकों की लापरवाही भी उजागर हुई। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर बैंक प्रबंधक ने सीजेएम कोर्ट ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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संवाद सहयोगी, हाथरस। ग्रामीण बैंक की मुरसान कोटा शाखा में 4.79 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। थाने में सुनवाई न होने पर शाखा प्रबंधक अंजुल कुमार यादव ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर थाना मुरसान को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश देने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार चार नवंबर 2022 को आर्यावर्त बैंक शाखा कोटा के ऑडिट के दौरान फील्ड ऑडिटर ने नकदी मिलान किया तो नकदी पंजिका से 4,79,930 रुपये कम पाए गए।
रकम अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए निकाल ली
विभागीय जांच में सामने आया कि तत्कालीन कार्यालय सहायक निखिल कुमार निवासी चमरावली बोड़ाकी, गौतमबुद्ध नगर ने एक नवंबर से चार नवंबर 2022 के बीच यह रकम अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए निकाल ली। शाखा प्रबंधक का आरोप है कि तत्कालीन सहायक प्रबंधक दिनेश शर्मा निवासी गांव सीह, मथुरा और सहायक प्रबंधक कामद कुनाल बाजपेई निवासी साकेत नगर रायबरेली प्रथम कुंजी धारक थे। नियम के अनुसार उन्होंने न तो नकदी संबंधित पत्रिकाओं को पूर्ण किया और न ही डबल लाक तिजोरी में अपने सामने नकदी बंद कराई।
आरोपित ने गबन की राशि बैंक खाते में जमा कर दी थी
इसी लापरवाही के चलते गबन संभव हो सका। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि मामला सामने आने के बाद आरोपित निखिल कुमार ने गबन की राशि बैंक खाते में जमा कर दी थी। इसके बावजूद यह आपराधिक कृत्य और कर्तव्य में लापरवाही का मामला है।
रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई
शाखा प्रबंधक ने बताया कि 15 मार्च 2024 को वह खुद थाना मुरसान में प्राथमिकी दर्ज कराने गए, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद 18 मार्च 2024 को पंजीकृत डाक से आवेदन भेजा गया। कई बार मौखिक अनुरोध के बाद पांच सितंबर 2024 को सीजेएम को भी पत्र भेजा गया, पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
एसपी हाथरस को भी दिया प्रार्थना पत्र
एसपी हाथरस को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर बैंक ने 13 अगस्त 2025 को कोर्ट की शरण ली है। प्रार्थी ने सीजेएम से प्रभारी निरीक्षक थाना मुरसान को मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना के आदेश देने की गुहार लगाई है। मामले में आगे की सुनवाई कोर्ट में होगी।
