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बरसाना में मिला अनुज 10 दिन परिवार संग रहेगा, तीन महीने की गुमशुदगी का राज बरकरार

Published: Tue, 06 Oct 2026 03:01 PM (GMT+05:30)

हाथरस में बरसाना के लाडली आश्रम से बरामद 16 वर्षीय अनुज चौधरी को बाल कल्याण समिति ने 10 दिन के ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 16 वर्षीय अनुज चौधरी बरसाना के लाडली आश्रम से बरामद।

  2. बाल कल्याण समिति ने 10 दिन परिवार संग रहने की दी अनुमति।

  3. तीन महीने की गुमशुदगी का रहस्य अभी भी अनसुलझा।

जागरण संवाददाता, हाथरस। बरसाना के लाडली आश्रम से बरामद 16 वर्षीय अनुज चौधरी को सोमवार को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति ने अनुज को फिलहाल 10 दिन के लिए उसकी इच्छा के अनुसार माता-पिता के साथ रहने की अनुमति दी है। पुलिस की ओर से सादाबाद के एसीजेएम न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायालय के आदेश पर उसे हाथरस बाल कल्याण समिति के सामने लाया गया था।

समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुज को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। समिति के सामने अनुज ने अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। वह तीन महीने तक कहां रहा और इस दौरान उसके साथ क्या हुआ, इसका अभी पता नहीं चल सका है।

अनुज के चाचा जितेंद्र ने बताया कि अनुज बरसाना से मिल गया है। अभी उसने इस अवधि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। परिवार पहले उससे बातचीत करेगा। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वह कहां रहा और किन परिस्थितियों में रहा।

बाल कल्याण समिति ने 10 दिन के लिए स्वजन के साथ रहने की दी अनुमति

सादाबाद क्षेत्र के खेड़ा बरामई गांव निवासी किसान राजवीर सिंह का बेटा अनुज 26 जून को संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने के बाद घर लौटा था। तीन जुलाई को वह प्रेमानंद के आश्रम केलिकुंज जाने की बात कहकर घर से निकला था, इसके बाद वापस नहीं लौटा। पांच जुलाई को सादाबाद कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।

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तीन महीने की गुमशुदगी की कहानी अभी रहस्य

स्वजन ने आश्रम के बाहर धरना भी दिया था। लंबी तलाश के बाद शनिवार को सादाबाद पुलिस ने मथुरा पुलिस के सहयोग से बरसाना स्थित लाडली आश्रम से उसे बरामद किया था। अनुज के मिलने के बाद भी परिवार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीन जुलाई को घर से निकलने के बाद वह 93 दिन तक कहां रहा। समिति के समक्ष उसने फिलहाल इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है।

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