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यूपी में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लायमेंट जोन, अब युवाओं को अपने ही जिले में मिलेगा रोजगार

Published: Sun, 01 Nov 2026 06:08 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल एंड एम्प्लायमेंट जोन योजना शुरू की है। इससे हरदोई सहित प्रदेशभर के ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. प्रदेश के 75 जिलों में बनेंगे स्किल एंड एम्प्लायमेंट जोन।

  2. युवाओं को पंजीकरण, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

  3. हरदोई सहित अन्य जिलों के युवाओं को पलायन से राहत।

जागरण संवाददाता, हरदोई। नौकरी की तलाश में लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली जाने वाले हरदोई के युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार सभी 75 जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल एंड एम्प्लायमेंट जोन स्थापित करेगी।

यहां पंजीकरण, योग्यता और रुचि के अनुसार प्रशिक्षण तथा कंपनियों में रोजगार से जुड़ने का अवसर एक ही जगह मिलेगा। हाईस्कूल पास से लेकर स्नातक, परास्नातक और अन्य शैक्षिक योग्यता वाले नौकरी के इच्छुक लोग योजना का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ के लोकभवन में 1,725 करोड़ रुपये की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया।

पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर में केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद योजना का विस्तार सभी 18 मंडल मुख्यालयों और फिर जिलों में होगा।

हरदोई के कई युवा बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, आईटीआई और पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के बाद भी योग्यता के अनुरूप नौकरी नहीं पा पाते। दूसरे शहरों में किराया, भोजन और रहने का खर्च बढ़ जाता है। जिले में प्रशिक्षण और रोजगार की सुविधा मिलने से उन्हें राहत मिल सकती है।

हाईस्कूल पास और अधिक उम्र के रोजगार इच्छुक लोग भी पंजीकरण करा सकेंगे। रुचि और क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण देकर उन्हें संस्थानों, फैक्ट्रियों या अन्य क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ने का प्रयास होगा।

विदेश में नौकरी चाहने वालों को संबंधित देश की भाषा और जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देने की भी योजना है। मसलन, नर्सिंग प्रशिक्षित युवा जापान या जर्मनी जाना चाहे तो उसे वहां की भाषा सिखाकर, संबंधित दूतावास के सहयोग से रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था प्रस्तावित है। युवाओं का कहना है कि जिले में प्रशिक्षण और नौकरी की सुविधा मिलने से बाहर जाने का खर्च और परेशानी कम होगी।

युवाओं का वर्जन

हमने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन जिले में योग्यता के अनुसार नौकरी के अवसर तलाशना आसान नहीं है। लखनऊ या दिल्ली जाने पर रहने और खाने का खर्च भी उठाना पड़ता है। हरदोई में प्रशिक्षण और नौकरी की व्यवस्था शुरू होने से राहत मिलेगी। -ऋषभ सिंह।

आईटीआई के बाद उम्मीद थी कि आसानी से नौकरी मिल जाएगी, लेकिन अच्छी कंपनी में अनुभव और तकनीकी जानकारी मांगी जाती है। जिले में कंपनियों से संपर्क और अतिरिक्त प्रशिक्षण की सुविधा मिले तो युवाओं को बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। -इनामुल हक खान।

हर युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करता है, लेकिन सभी को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। स्किल एंड एम्प्लायमेंट जोन से रुचि के अनुसार प्रशिक्षण और निजी कंपनियों में नौकरी के अवसर मिलें तो यह अच्छी पहल होगी। -शिवम सिंह।

केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, कंपनियों को दक्ष युवा चाहिए। जिले में प्रशिक्षण और कंपनियों में नौकरी दिलाने की व्यवस्था से हरदोई के युवाओं को फायदा मिल सकता है। -सौरभ वर्मा।

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