हरदोई-सांडी रेल लाइन पर मंडराया संकट, रेलवे बोर्ड के नए नियमों से परियोजना रद होने की आहट
हरदोई-सांडी-गुरसहायगंज रेल लाइन परियोजना छह साल से लंबित है और अब रेलवे बोर्ड के नए नियमों के कारण इसके रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है।

HighLights
हरदोई-सांडी रेल लाइन परियोजना छह साल से लंबित।
रेलवे बोर्ड के नए नियम रद्द कर सकते हैं परियोजना।
स्थानीय लोग तत्काल निर्माण कार्य शुरू करने की मांग।
जागरण संवाददाता, हरदोई। हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी प्रस्तावित नई रेल लाइन का इंतजार कर रहे क्षेत्रवासियों को बड़ा झटका लग सकता है। वर्ष 2019 में रेलवे की पिंक बुक में शामिल होने और टोकन मनी मिलने के छह साल बाद भी यह परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी। अब रेलवे बोर्ड की ओर से जारी एक नए आदेश के बाद इस परियोजना के हमेशा के लिए ठंडे बस्ते में जाने या निरस्त होने की आशंका गहरा गई है।
परियोजना को शुरू कराने के लिए सांडी रेल लाओ संघर्ष मोर्चा लंबे समय से प्रयासरत है। मोर्चा के अध्यक्ष पंकज त्रिवेदी द्वारा सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारियों से यह साफ हुआ कि जनप्रतिनिधियों की बार-बार पैरवी के बावजूद परियोजना की फाइलें अलग-अलग स्तरों पर केवल टेबल-दर-टेबल घूमती रहीं। कागजी प्रक्रिया से आगे न बढ़ने के कारण इस ट्रैक पर निर्माण का एक भी काम शुरू नहीं हो सका, जिससे क्षेत्रीय जनता में पहले से ही रोष था।
हाल ही में रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र (संख्या: 2026/W-III/WP/1/2027-28 (3542044)) ने इस रेल लाइन के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेल महाप्रबंधकों को वित्तीय वर्ष 2027-28 की वार्षिक प्रशासनिक एवं वित्तीय योजना तैयार करने के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं।
इन नियमों से परियोजना अटकने की आहट
रेलवे अब ऐसे सभी पुराने व स्वीकृत प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा करेगा, जिन पर वर्षों बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। जो परियोजनाएं वर्तमान परिस्थितियों में उपयोगी नहीं हैं या लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें पूरी तरह बंद करने पर विचार किया जाएगा। किसी भी नए कार्य को योजना में शामिल करने के लिए कम प्राथमिकता वाले पुराने कार्यों को हटाने की नीति अपनाई जाएगी, ताकि रेलवे के सीमित बजट और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
परियोजना को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
रेलवे बोर्ड के इस रुख से हरदोई-सांडी-गुरसहायगंज रेल मार्ग के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह रेल लाइन हरदोई के ग्रामीण अंचल को सीधे जोड़कर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में बड़ा बदलाव ला सकती है।
क्षेत्रवासियों ने शासन और रेल मंत्रालय से मांग की है कि इस जनहितकारी परियोजना की स्थिति स्पष्ट की जाए और इसे बंद करने के बजाय बजट जारी कर तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
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