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हरदोई का हिस्ट्रीशीटर झांसी में बना 'काली सरकार', आर्मी की वर्दी में दिव्य दरबार लगाने वाला पाखंडी बाबा गिरफ्तार

Published: Sun, 11 Oct 2026 05:42 PM (IST)

हरदोई का हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला, जो झांसी में 'काली सरकार' बनकर दिव्य दरबार लगाता था, गिरफ्तार कर लिया गया है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हरदोई का हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला झांसी में 'काली सरकार' बना।

  2. आर्मी वर्दी पहनकर दिव्य दरबार लगाता, बीमारियों का दावा करता।

  3. तीन साल से फरार, हरदोई-झांसी पुलिस ने मिलकर पकड़ा।

जागरण संवाददाता, हरदोई। पुलिस की नजरों से बचने के लिए हरदोई का हिस्ट्रीशीटर झांसी में बाबा बनकर रहने लगा। नाम और पहचान बदलकर खुद को ''काली सरकार'' के रूप में स्थापित कर लिया। आर्मी जैसी वर्दी पहनकर दिव्य दरबार लगाने लगा। बीमारियां ठीक करने और लोगों की समस्याएं दूर करने के दावे से उसके अनुयायी बढ़ते गए। देश ही नहीं, विदेश से भी लोग उसके दरबार में पहुंचने लगे। इंस्टाग्राम पर एक लाख से अधिक फालोअर्स हो गए। इधर, हरदोई पुलिस करीब तीन वर्ष से उसकी तलाश कर रही थी।

रविवार को हरदोई और झांसी की मऊरानीपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि प्रदीप शुक्ला का सत्यापन नहीं हो पा रहा था। उसी के चलते उसकी और तलाश हो रही थी। कोतवाली शहर के चौहान थोक निवासी प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज पुलिस अभिलेखों में हिस्ट्रीशीटर है।

पुलिस के अनुसार, वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र के कुंरैचा गांव पहुंच गया। वहां काली सरकार मंदिर में रहने लगा। अपना नाम सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रखकर धार्मिक गतिविधियां शुरू कर दीं। काली सरकार के नाम से प्रसिद्ध प्रदीप शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था। बुधवार को स्थानीय लोगों के लिए दरबार होता था। वह बीमारियां ठीक करने और परेशानियां दूर करने का दावा करता था। करीब एक वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर पेज बनाया, जिसके एक लाख से अधिक फालोअर्स हो गए।

प्रदीप की हिस्ट्रीशीट में दर्ज मामलों में अंतिम मामला वर्ष 1997 का बताया गया है, जबकि वर्ष 2022 में पुलिस की ओर से मामला दर्ज किया गया था। इसके अतिरिक्त वर्ष 2014 में लूट और 2018 में मारपीट के मामले दर्ज होने की जानकारी है। दोनों मामलों में अदालत से स्थायी वारंट जारी थे। हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन में भी वह अनुपस्थित मिल रहा था।

ठिकाने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने रविवार को कुंरैचा स्थित मंदिर से उसे पकड़ लिया। कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा उसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई होगी।

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