हरदोई में बाढ़ के बाद भी खेतों में जलभराव, किसानों को फसलें बर्बाद होने का डर
हरदोई के सवायजपुर क्षेत्र में गंगा और रामगंगा की बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी खेतों में जलभराव है, ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
बाढ़ का पानी उतरने पर भी खेतों में जलभराव जारी।
करीब तीन हजार एकड़ फसलें प्रभावित, किसान चिंतित हैं।
राजस्व विभाग क्षतिपूर्ति के लिए कर रहा है सर्वे।
जागरण संवाददाता, हरदोई। सवायजपुर क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदी में आई बाढ़ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ का पानी का कम होने के बावजूद खेतों में पानी भरा है, जिसके चलते करीब तीन हजार एकड़ भूमि पर खड़ी फसलें प्रभावित हैं। वहीं लंबे समय तक जलभराव रहने पर फसलों के सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
बाढ़ का असर किसानों की मेहनत और उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ने की आशंका है।
फसल तैयार करने के लिए किसानों ने बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च किया है। ऐसे में फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों के सामने अब परिवार के खर्चों को पूरा करने के साथ ही अगली फसल की तैयारी करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। नदी किनारे के खेतों में पानी भरे रहने से किसानों को फसल सड़ने की चिंता सती रही है।
किसानों का कहना है कि यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो नुकसान और बढ़ सकता है। जलभराव के कारण फसलों की बढ़वार प्रभावित होने के साथ ही उपज में गिरावट आने की भी आशंका है। सवायजपुर के तहसीलदार सौरभ सिंह ने बताया कि नदियों में आई बाढ़ के चलते करीब तीन हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई है। राजस्व विभाग की टीम सर्वे कर रही है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
