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एक झपकी, गहरा गड्ढा और उजड़ गया पूरा परिवार, हरदोई में दीवाली की खुशियों पर पसरा तीन मौतों का मातम

Published: Sat, 07 Nov 2026 08:05 AM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 08:09 AM (IST)

हरदोई में दीपावली की खुशियां मातम में बदल गईं जब एक सड़क हादसे में रमेश, उनकी पत्नी नीलम और तीन ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हरदोई में कार हादसे में तीन लोगों की मौत।

  2. दीपावली पर घर लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा।

  3. चालक को झपकी आने से कार गड्ढे में गिरी।

जागरण संवाददाता, हरदोई। पापा, शाम सात बजे निकलेंगे। सुबह तक घर आ जाएंगे। गुरुवार शाम छह बजे बेटे रमेश के फोन पर कही ये बातें पिता हरिराम के कानों में अब भी गूंज रही हैं। घर में दीपावली की तैयारियां थीं। बेटे-बहू के आने की खुशी थी। तीन माह के पौत्र अभिमन्यु को पहली बार गोद में खिलाने की आस थी। बाबा की आंखें दरवाजे पर टिकी थीं। मगर सुबह बेटा नहीं आया।

आई तो तीन मौतों की मनहूस खबर। जिस घर में मासूम की किलकारियां गूंजने वाली थीं, वहां चीख-पुकार मच गई। दीपावली की खुशियां मातम में बदल गईं। एक हादसे ने तीन पीढ़ियों की खुशियां छीन लीं। बाबा की गोद सूनी रह गई। बेटे, बहू और पौत्र के एक साथ चले जाने से पूरा परिवार टूट गया। मूलरूप से सुरसा के सर्रा गांव निवासी रमेश कुशवाहा का परिवार शहर कोतवाली क्षेत्र के चांदबेहटा में रहता है।

रमेश गुरुग्राम की निजी कंपनी में नौकरी करते थे। दिसंबर 2022 में नीलम से शादी हुई थी। तीन माह पहले बेटे अभिमन्यु के जन्म से परिवार में खुशियां आई थीं। हरिराम ने अभी पौत्र को गोद में नहीं खिलाया था। फोन पर उसकी तस्वीरें देखकर मन बहलाते थे। दीपावली पर बेटे के आने का बेसब्री से इंतजार था। घर में मासूम के पहली बार आने की खुशियां मनाने की तैयारी थी।

गुरुवार शाम बेटे ने फोन कर घर आने की जानकारी दी थी। शुक्रवार सुबह बिलग्राम-कन्नौज मार्ग पर जफरपुर मोड़ के पास कार पानी भरे गड्ढे में गिर गई। रमेश, नीलम और अभिमन्यु की मौत हो गई। जिस आंगन में दीपावली के दीप जलने थे, वहां मातम छा गया। हरिराम की आंखों में बेटे की आखिरी बातचीत और पौत्र को गोद में न खिला पाने की टीस रह गई। अब न बेटे की आवाज सुनाई देगी, न मासूम की किलकारियां।

एक मोड़, गहरा गड्ढा और छीन गईं तीन सांसें

हादसा सुबह करीब साढ़े तीन बजे हुआ। सन्नाटे में डूबी सड़क पर रफ्तार से दौड़ती कार जैसे ही जफरपुर मोड़ के पास पहुंची, चालक को आई झपकी ने कार का संतुलन बिगाड़ दिया। बेकाबू कार सड़क किनारे पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी और जलसमाधि बन गई। जब तक पुलिस और ग्रामीण रस्सियों के सहारे पानी में उतरे और दरवाजे तोड़कर लोगों को निकाला, तब तक रमेश, नीलम और मासूम अभिमन्यु दम तोड़ चुके थे।

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