कागजों में 'छलकते' रहे, धरातल पर सूखकर 'लापता' हो गए हरदोई के 555 तालाब
हरदोई जिले में राजस्व अभिलेखों में दर्ज 555 तालाब मौके पर या तो समतल हो चुके हैं या अतिक्रमण का ...और पढ़ें
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HighLights
हरदोई में 555 तालाब राजस्व अभिलेखों से गायब।
अतिक्रमण और समतलीकरण से तालाब हुए विलुप्त।
प्रशासन जलस्रोत पुनर्जीवन अभियान के तहत करेगा जीर्णोद्धार।
आशीष त्रिवेदी, हरदोई। राजस्व विभाग के बही-खातों में जो तालाब सदियों से पानी सहेजे थे, हकीकत की जमीन पर उनका नामोनिशान तक मिट चुका है। जिले की पांचों तहसीलों में प्रशासनिक पैमाइश के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 555 तालाब या तो समतल कर दिए गए या अवैध कब्जों की भेंट चढ़ गए। इस सच के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
दशकों की उपेक्षा और अतिक्रमण का शिकार बने इन तालाबों को अब प्रशासन नया जीवन देगा। इन विलुप्त हो चुके जलस्रोतों को नया जीवन देने के लिए जलस्रोत पुनर्जीवन अभियान के तहत युद्धस्तर पर खुदाई व जीर्णोद्धार कराने के योजना बनायी जा रही है। सीडीओ अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक नेहा ब्याडवाल ने जुलाई में एडीएम को पत्र जारी कर राजस्व अभिलेखों में दर्ज लेकिन मौके पर विलुप्त या मूल अवस्था में न रहने वाले ग्रामीण तालाबों की सूची मांगी थी। इसके बाद जिले की पांचों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों से मौके की पड़ताल कराते हुए 22 सितंबर को विस्तृत आख्या सौंपी गईं, इस आख्या में जिले के 555 तालाबों के मौके पर समतल या विलुप्त होने की पुष्टि हुई है।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, तालाबों पर कब्जे और समतलीकरण का सबसे गंभीर मामला सदर तहसील के सुरसा ब्लाक में सामने आया है, जहां अकेले 131 तालाब समतल पाए गए हैं। इसके अलावा बावन में 88, भरावन में 54 और संडीला में 52 तालाब कागजों में तो जिंदा हैं, लेकिन मौके पर जमीन समतल हो चुकी है। यही हाल अन्य ब्लाकों का भी है।कागजों पर तो यह तालाब खूब छलक रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में या तो यह समतल हो चुके हैं या अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं।
पैमाइश के बाद जिले की पांचों तहसीलों में कुल 555 तालाब ऐसे चिन्हित किए गए हैं। स्थिति उजागर होने के बाद सीडीओ ने इनको पुन: जीवित करने की योजना बनायी है। जनपद के समस्त कार्यक्रम अधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश जारी करते हुए इन सभी चिन्हांकित जलस्रोतों का जीर्णोद्धार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने का आदेश दिया है।
वीबी-जीरामजी से संवरेगा जलस्रोतों का भविष्य
राजस्व अभिलेखों की पड़ताल में अधिकांश तालाबों की वर्तमान स्थिति समतल दर्ज की गई है, जबकि कुछ स्थलों पर आंशिक जलभराव या मामूली गड्ढे ही बचे हैं। सीडीओ ने बताया कि प्रशासन वीबी जी राम जी से इनकाे संवारेगा। इससे न केवल भूगर्भ जलस्तर में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में मनरेगा श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। कार्ययोजना बनाकर इन सभी तालाबों की खुदाई और मेड़बंदी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आने वाले समय में वर्षा जल का संचयन फिर से संभव हो सके।
जनपद में विलुप्त/समतल तालाबों का तहसील व ब्लाकवार ब्योरा
-सदर तहसील: कुल 289 तालाब (सुरसा-131, बावन-88, अहिरोरी-35, टडियावां-18, हरियावां-17)
-संडीला : कुल 178 तालाब (भरावन-54, संडीला-52, बेहंदर-38, कोथावां-34)।
-बिलग्राम : कुल 49 तालाब (माधौगंज-24, बिलग्राम-12, मल्लावां-10, सांडी-02, भरखनी-01)।
-सवायजपुर : कुल 28 तालाब (भरखनी-22, हरपालपुर-05, साण्डी-01)।
-शाहाबाद: कुल 11 तालाब (पिहानी-06, टोडरपुर-03, शाहाबाद-01, बावन-01)
